{"_id":"63ecf712237b46388a0bc784","slug":"jabalpur-high-court-rejects-pyare-mian-s-appeal-to-transfer-indore-s-case-to-bhopal-2023-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: प्यारे मियां को फिर लगा झटका, इंदौर के केस भोपाल ट्रांसफर किए जाने की अपील हाईकोर्ट ने की खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: प्यारे मियां को फिर लगा झटका, इंदौर के केस भोपाल ट्रांसफर किए जाने की अपील हाईकोर्ट ने की खारिज
Wed, 15 Feb 2023 08:45 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 15 Feb 2023 08:45 PM IST
सार
प्यारे मियां केन्द्रीय जेल जबलपुर में निरुध्द है। उसकी तरफ से इंदौर में लंबित अपराधिक प्रकरण को भोपाल स्थानातंरित किए जाने की मांग संबंधित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बच्चियों से दुराचार कर उनका गर्भपात करवाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा से दंडित भोपाल निवासी प्यारे मियां को हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने इंदौर में लंबित अपराधिक प्रकरण भोपाल स्थानातंरित किए जाने की मांग संबंधित अपील खारिज कर दी है।
गौरतलब है कि नाबालिग बच्ची से रेप तथा उसका गर्भपात करवाने के अपराध में भोपाल जिला न्यायालय ने मार्च 2022 को प्यारे मियां सहित चार आरोपियों को दोषी करार दिया था। न्यायालय ने प्यारे मियां को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। वर्तमान में अभियुक्त केन्द्रीय जेल जबलपुर में निरुध्द है। उसकी तरफ से इंदौर में लंबित अपराधिक प्रकरण को भोपाल स्थानातंरित किए जाने की मांग संबंधित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि भोपाल में उनके खिलाफ अन्य प्रकरण भी लंबित हैं। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उक्त याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि सिर्फ आरोपी की सुविधा के लिए ऐसा नहीं किया जा सकता है। शिकायतकर्ता महिला इंदौर निवासी है महिला पक्ष की सुविधा को प्राथमिकता दी जाती है।
एकलपीठ के आदेश के खिलाफ उक्त अपील दायर की गई थी। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान एकलपीठ के आदेश को उचित करार दिया। इसके बाद याचिका वापस लेने का आग्रह युगलपीठ से किया गया। युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि नाबालिग बच्ची से रेप तथा उसका गर्भपात करवाने के अपराध में भोपाल जिला न्यायालय ने मार्च 2022 को प्यारे मियां सहित चार आरोपियों को दोषी करार दिया था। न्यायालय ने प्यारे मियां को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। वर्तमान में अभियुक्त केन्द्रीय जेल जबलपुर में निरुध्द है। उसकी तरफ से इंदौर में लंबित अपराधिक प्रकरण को भोपाल स्थानातंरित किए जाने की मांग संबंधित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि भोपाल में उनके खिलाफ अन्य प्रकरण भी लंबित हैं। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उक्त याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि सिर्फ आरोपी की सुविधा के लिए ऐसा नहीं किया जा सकता है। शिकायतकर्ता महिला इंदौर निवासी है महिला पक्ष की सुविधा को प्राथमिकता दी जाती है।
विज्ञापन
एकलपीठ के आदेश के खिलाफ उक्त अपील दायर की गई थी। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान एकलपीठ के आदेश को उचित करार दिया। इसके बाद याचिका वापस लेने का आग्रह युगलपीठ से किया गया। युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
