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MP News: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कायम की मिसाल, रिटायर्ड जिला जज को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जज बनाने की सिफारिश
Fri, 14 Apr 2023 02:43 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/नई दिल्ली
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 14 Apr 2023 02:43 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने रिटायर्ड जिला जज रूपेश चंद्र वार्ष्णेय को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है। यह पहला मामला है जब किसी रिटायर्ड जज को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश हुई है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मिसाल कायम करते हुए एक रिटायर्ड जिला जज को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है। यह अपने आप में अनूठी बात है क्योंकि आम तौर पर रिटायरमेंट के बाद नियुक्तियां नहीं होती हैं। कॉलेजियम ने पाया कि जिस दिन जगह खाली हुई थी, उस दिन जज रिटायर नहीं हुए थे और वह इस पद के दावेदार थे।
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कॉलेजियम में जस्टिस चंद्रचूड़ के साथ जस्टिस संजय किशन कौल और केएम जोसफ भी शामिल हैं। उसने रूपेश चंद्र वार्ष्णेय के नाम की सिफारिश की है, जिन्होंने 28 सितंबर 1987 को न्यायिक सेवा जॉइन की थी। वह मध्य प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस के वरिष्ठ सदस्य हैं, जो हाईकोर्ट का जज बनने के दावेदार हैं। इससे पहले जस्टिस बहरूल इस्लाम (1980) और जस्टिस फातिमा बीवी (1989) को हाईकोर्ट जज के तौर पर रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था। इंटेलिजेंस ब्यूरो रिपोर्ट का हवाला देते हुए कॉलेजियम ने कहा कि वार्ष्णेय की व्यक्तिगत और पेशेवर छवि बहुत अच्छी है। उनकी इमानदारी और निष्ठा के मामले में भी उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला है। जजों की मूल्यांकन समिति ने उनके न्यायिक प्रदर्शन की समीक्षा की और उसे बहुत अच्छा पाया है। उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट भी अच्छी रही है।
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हाईकोर्ट से सिफारिश मिली, तब रिटायर नहीं थे
कॉलेजियम ने अपनी सिफारिश में कहा कि जब हाईकोर्ट के कॉलेजियम ने वार्ष्णेय का नाम सुझाया था, तब उनकी उम्र 59.10 वर्ष थी। इसके बाद 60 वर्ष की आयु होने पर वे रिटायर हो गए। जिस स्थान की भर्ती के लिए उनका नाम सुझाया गया है, उसकी रिक्ति की तारीख पर वार्ष्णेय की उम्र 58.03 वर्ष थी। इस वजह से वे उम्र की पात्रता को पूरी करते हैं।
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यह भी बनेंगे एमपी हाईकोर्ट में जज
वार्ष्णेय के साथ-साथ कॉलेजियम ने अनुराधा शुक्ला, संजीव सुधाकर कलगांवकर, प्रेम नारायण सिंह, अचल कुमार पालीवाल, हिरदेश और अवनींद्र कुमार सिंह का नाम भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जज के तौर पर आगे बढ़ाया है। 23 नवंबर 2022 को पारित संकल्प कहता है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने अपने दो वरिष्ठतम जज साथियों से परामर्श के बाद इन सात न्यायिक अधिकारियों को जज के तौर पर पदोन्नत करने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी इनके नामों पर मुहर लगाई है। सुप्रीम कोर्ट को न्याय विभाग से यह फाइल सात अप्रैल को मिली है।
