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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Exams are being conducted in 34 months instead of 36 months, Medical University's exam controller summoned

MP News: 36 महीने की बजाय 34 में करवा रहे परीक्षा, मेडिकल यूनिवर्सिटी के एग्जाम कंट्रोलर तलब

Mon, 29 May 2023 10:31 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 29 May 2023 10:31 PM IST
सार

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा एमडी-एमएस की मुख्य परीक्षा का आयोजन 6 जून से किया जा रहा है। नियम अनुसार एमडी-एमएस की परीक्षा 36 माह में होनी चाहिए। मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 34 माह में परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। 

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Exams are being conducted in 34 months instead of 36 months, Medical University's exam controller summoned
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा एमडी-एमएस की परीक्षा 36 महीने के बजाय 34 महीने में करवाए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि मुख्य परीक्षा का आयोजन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र कुमार वर्मा तथा जस्टिस एके सिंह ने एग्जाम कंट्रोलर को तलब करते हुए अगली सुनवाई 5 जून को निर्धारित की है।
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बता दें कि जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा एमडी-एमएस की मुख्य परीक्षा का आयोजन 6 जून से किया जा रहा है। नियम अनुसार एमडी-एमएस की परीक्षा 36 माह में होनी चाहिए। मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 34 माह में परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। अध्ययन के दौरान कोरोना के कारण जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। कोरोना के 6 माह तक क्लासेस बाधित रहीं।
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याचिका में कहा गया है कि थीसिस जमा करने के 6 माह बाद परीक्षा का आयोजन किया जाना चाहिए। उनके द्वारा जनवरी में थीसिस जमा की गई थी। मुख्य परीक्षा का आयोजन निर्धारित समय से पहले किया जा रहा है। नियम के अनुसार थीसिस अप्रूवल होने के तीन माह बाद परीक्षा आयोजित होनी चाहिए। अभी तक जमा की गई थीसिस को अप्रूवल नहीं दिया गया है। थीसिस अप्रूवल के बाद ही परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलती है। याचिका में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से मुख्य परीक्षा का आयोजन कर रही है। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद एग्जाम कंट्रोलर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अविरल विकास खरे ने पैरवी की।
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