फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Dr. Sudhir Sharma gets relief from High Court in Vyapam scam case

Jabalpur News: व्यापमं केस में डॉ. सुधीर शर्मा को हाईकोर्ट से राहत, चार मामलों में दर्ज एफआईआर निरस्त

Mon, 19 May 2025 07:34 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 19 May 2025 07:34 PM IST
सार

व्यापमं घोटाले में आरोपी डॉ. सुधीर शर्मा की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में चारों एफआईआर निरस्त कर दीं। सीबीआई ने उन्हें चार भर्ती परीक्षाओं में धांधली का आरोपी बनाया था, लेकिन आर्थिक लाभ से जुड़े कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर कोर्ट ने राहत दी।

विज्ञापन
Dr. Sudhir Sharma gets relief from High Court in Vyapam scam case
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

व्यापमं घोटाले की जांच के बाद सीबीआई ने डॉ सुधीर शर्मा को चार प्रकरण में आरोपी बनाते हुए न्यायालय में उनके खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चार याचिकाएं दायर की गई थीं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने दायर याचिकाओं की संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए चारों एफआईआर को निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतीक्षित है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-नए दौर में पीछे छूटा त्योहारों की कहानी कहने वाला आर्ट, इसको संजो रहीं निर्मला मिश्रा ने क्या कहा
विज्ञापन


गौरतलब है कि व्यापमं घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने क्रिस्प के पूर्व चेयरमैन तथा संघ, विद्यार्थी परिषद और विज्ञान भारती में विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे डॉ. सुधीर शर्मा को प्रारंभिक जांच में दोषी पाते हुए उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने उन्हें सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2012, पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012, संविदा शाला शिक्षक भर्ती वर्ग 2 परीक्षा 2011 तथा वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में हुई धांधली में आरोपी बनाते हुए प्रकरण दर्ज किया था। सीबीआई ने जांच के बाद उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया था। चारों प्रकरण में आरोपी बनाए जाने को चुनौती देते हुए उनकी तरफ से हाईकोर्ट की शरण ली गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-पहलगाम घटना की आड़ में बहानेबाजी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार पर लगाया 50 हजार का जुर्माना, जानें क्या कहा

याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता कपिल शर्मा ने युगलपीठ को बताया कि सभी चार मामलों में याचिकाकर्ता से किसी भी व्यक्ति से आर्थिक लेन-देन किए जाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। सीबीआई की तरफ से प्रस्तुत की गई चार्जशीट तथा एक्सेल सीट में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है कि याचिकाकर्ता ने किसी तरह का आर्थिक लाभ अर्जित किया है। प्रकरण की जांच के दौरान कुछ गवाहों के मेमोरेंडम के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आर्थिक लाभ अर्जित होने का कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण याचिकाकर्ता को प्रकरण में आरोपी नहीं बनाया जा सकता था। इस कारण दर्ज की गयी एफआईआर निरस्त करने के योग्य है। युगलपीठ ने प्रकरण में साक्ष्यों के अभाव में चारों प्रकरण में एफआईआर निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed