Jabalpur News: हाईकोर्ट के निर्देश-जिला स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ करें न्यायालय केन्द्र सुरक्षा व्यवस्था की जांच
हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा पर राज्य सरकार की रिपोर्ट पर जिला स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ से सत्यापन का निर्देश दिया। 2016 में मंदसौर में न्यायाधीश पर हुए हमले के बाद यह जनहित याचिका सुरक्षा सुधारों के लिए दर्ज हुई थी।
विस्तार
राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि जिला स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ प्रत्येक जिला और तहसील स्तर के न्यायालयों का भौतिक निरीक्षण कर सत्यापन करे। अगली सुनवाई दो महीने बाद होगी।
मामला 23 जुलाई 2016 का है, जब मंदसौर में न्यायाधीश राजवर्धन गुप्ता पर हमला हुआ था। इस घटना की जांच रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने न्यायाधीशों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए जनहित याचिका के रूप में मामले की सुनवाई शुरू की।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कोर्ट परिसरों में ऊंची बाउंड्री वॉल, पुलिस चौकियां, और न्यायाधीशों के आवासीय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पूर्व में दी गई स्टेटस रिपोर्ट और उच्च न्यायालय द्वारा दायर जवाब में अंतर था। इस पर राज्य सरकार ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि यह अंतर समय और अनुमोदन प्रक्रिया में देरी के कारण हुआ होगा।
सरकार ने आश्वासन दिया कि भविष्य में हर रिपोर्ट जिला स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ से अनुमोदन के बाद ही दायर की जाएगी। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने सुरक्षा व्यवस्था के सत्यापन को अनिवार्य करते हुए आदेश पारित किए।
