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Jabalpur Crime: खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का बताकर महिला से दस लाख ठगे, जानें पूरा मामला
Wed, 04 Dec 2024 09:57 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 09:57 PM IST
सार
खुद को मुुंबई क्राइम ब्रांच का बताकर महिला से दस लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़िता ने गोराबाजार थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जबलपुर जिले में मोबाइल पर खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को डरा धमकाकर रुपये हड़पने का खेल दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक और मामला गोरा बाजार क्षेत्र में सामने आया। जहां कॉलेज में कार्यरत एक महिला को जालसाजों ने फोन किया और मुंबई से ताईवान पार्सल नाम पर भेजे जाने व उसमें आपत्तिजनक वस्तुएं होने का झांसा देकर महिला से दस लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
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पुलिस ने बताया कि बिलहरी निवासी 44 वर्षीय जगदीप दुबे शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय डिंडौरी में कार्यरत् हैं, जिनके मोबाइल पर 15 अक्तूबर को किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर कहा कि वह फेडेक्स कोरियर कंपनी से बोल रहा है। आपके नाम से पार्सल है, जो कि मुंबई से ताइवान भेजा जा रहा है। इसमें कुछ इनलीगल वस्तु है, जो पुलिस द्वारा रोक दी गई है। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच से मोबाइल से किसी विक्रम सिंह राठौर से बात कराई, जिसने कहा कि आपके पार्सल में लैपटाप और कुछ पैसे एवं ड्ग्स और नकली पासपोर्ट है, तो अब आपको हम अरेस्ट करेंगे। इसके बाद फोन काट दिया।
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उसके दूसरे दिन 16 अक्तूबर 2024 को उसी नंबर से दोबारा पीड़िता को कॉल किया गया। उसके बाद जालसाजों ने कहा कि उन्होंने पूरी इंक्वॉयरी कर ली है। आपके नाम से अलग-अलग शहर में कोई अकाउंट है। वेरीफिकेशन में ये आपके आधार नंबर से खुले हैं, ऐसा पता चला है। अब आप पर मनी लाॉण्ड्रिग का केस बनेगा। अपको वेरीफिकेशन कराना पड़ेगा, आपके पास क्या संपत्ति है, सब बताना पड़ेगा और अगर आप कॉपरेट नहीं करोगी तो आपकी फैमली को भी अरेस्ट करना पड़ेगा।
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17 अक्तूबर 2024 को बोला कि आप बैंक चले जाओ और हम एक एकाउंट नंबर दे रहे हैं, जिसमें आप 10 लाख रुपये डालना उन पैसों का वेरीफिकेशन होने के बाद वह पैसे आपके खाते में वापस आ जाएंगे। इस पर पीड़िता ने कहा कि आज बैंक की छुट्टी है। इसके बाद 18 अक्तूबर 2024 को पीड़िता के घर एक लेटर भेजा गया, जिसमें पुलिस की सील साइन थे, जिसे देखकर पीड़िता डर गई। इसके बाद उसने बैंक में जाकर दिए गए खाता नंबर में आरटीजीएस के माध्यम से 10 लाख रुपये स्थानांतरित किए, जब उसके पैसे एक घंटे तक वापस नहीं आए, तब उसे लगा कि उसके साथ धोखाधड़ी कर दस लाख रुपये हड़प लिए गए हैं।
