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MP News: निजी मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों की फीस कम करने पर रोक, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Fri, 23 Sep 2022 12:00 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 23 Sep 2022 12:00 PM IST
सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन व राज्य सरकार के निजी मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर फीस कम करने के प्रावधान पर रोक लगा दी है, मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।

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Ban on reducing fees for half of seats in private medical colleges, HC seeks reply from state government
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन व राज्य सरकार के उस आदेश को स्थगित कर दिया, जिसके तहत निजी मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर फीस कम कर दी गई थी। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की डिवीजन बेंच ने चिकित्सा शिक्षा विभाग संचालक से मामले पर जवाब तलब किया। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
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निजी मेडिकल कॉलेजों की एसोसिएशन की ओर से यह याचिका दायर की गईं वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने कोर्ट को बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन(एनएमसी) ने फरवरी 2022 में एक आदेश जारी कर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इन दिशा-निर्देशों के तहत प्रावधान किया गया कि निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 फीसदी सीटों की फीस सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान रखी जाए। 20  जुलाई 2022 को चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक ने आदेश जारी कर कहा कि 2022-23 के सत्र से ही उक्त दिशा-निर्देश लागू होंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता नागरथ ने कहा कि यह नियम असंवैधानिक है । मध्यप्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों मे सरकारी कोटा नहीं है, जबकि प्रावधान केवल उन राज्यों में लागू होना चाहिए, जहां निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी कोटा भी हो।
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उन्होंने तर्क दिया कि निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस, फीस नियामक कमेटी करती है। हर कॉलेज को मिलने वाली फीस तय होती है, जो प्रत्येक छात्र में बांट कर वसूली जाती है। उन्होंने बताया कि निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस लगभग 7-8 लाख रुपये है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेज में फीस लगभग 1 लाख रुपये से भी कम है। उक्त प्रावधान के चलते याचिकाकर्ता निजी कॉलेजों के आधे छात्रों की फीस बहुत कम हो जाएगी। इससे उनकी अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और वे कॉलेज नहीं चला पाएंगे। लिहाजा, इस प्रावधान को स्थगित किया जाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने निजी मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर फीस कम करने के प्रावधान पर रोक लगा दी।
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