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जबलपुर: असिस्टेंट लाइब्रेरियन नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने दिया फैसला

Sat, 03 Oct 2026 01:01 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 03 Oct 2026 01:01 PM IST
सार

डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट लाइब्रेरियन नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता खुद चयन प्रक्रिया में शामिल हुआ था और चयनित अभ्यर्थी योग्यता व अनुभव के मामले में आगे था।

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Jabalpur: Plea Challenging Assistant Librarian Appointment Dismissed, High Court Delivers Verdict
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

विस्तार

सागर स्थित डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट लाइब्रेरियन पद पर सीधी भर्ती के तहत की गई नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता स्वयं चयन प्रक्रिया में शामिल हुआ था। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया में असफल होने के बाद उसे चुनौती नहीं दी जा सकती।
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याचिकाकर्ता डॉ. केके केसरवानी की ओर से दायर याचिका में विश्वविद्यालय में असिस्टेंट लाइब्रेरियन पद पर सीधी भर्ती के माध्यम से की गई नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि उक्त पद को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाना चाहिए था। साथ ही पद पर नियुक्त डॉ. अनुराग श्रीवास्तव की योग्यता और अनुभव पर भी सवाल उठाए गए थे।
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सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया कि चयनित अभ्यर्थी के पास 28 अप्रैल 2011 को निर्धारित योग्यता से संबंधित डिग्री प्राप्त हो चुकी थी, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 10 जनवरी 2012 थी। शैक्षणिक अंकों की तुलना में भी चयनित अभ्यर्थी ने 12वीं, स्नातक, बी.लिब. और एम.लिब. में याचिकाकर्ता से अधिक अंक हासिल किए थे।

इसके अलावा चयनित अभ्यर्थी के पास लाइब्रेरियन के रूप में करीब 2 वर्ष 7 महीने का अनुभव भी था। वहीं याचिकाकर्ता का अनुभव मुख्य रूप से कैटलॉगर के रूप में था और असिस्टेंट लाइब्रेरियन के रूप में उनका कार्यकाल एक वर्ष से कम था। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका में हस्तक्षेप का आधार नहीं पाया और इसे खारिज कर दिया।
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