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जबलपुर: भूमि अधिग्रहण के बावजूद नहीं दी नौकरी, हाईकोर्ट ने कहा- रेलवे करे 60 दिनों में अभ्यावेदन का निराकरण
Thu, 13 Jan 2022 07:27 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 13 Jan 2022 07:27 PM IST
सार
भूमि अधिग्रहण के बावजूद नौकरी का आवेदन निरस्त किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट ने रेलवे को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता के नए अभ्यावेदन का 60 दिनों में निराकरण करें।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
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विस्तार
भूमि अधिग्रहण के बावजूद नौकरी का आवेदन निरस्त किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट ने सुनवाई के दौरान पाया कि रेलवे चेयरमैन ने भूमि अधिग्रहण के सभी प्रकरणों में नौकरी देने के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने रेलवे को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता के नए अभ्यावेदन का 60 दिनों में निराकरण करें।
याचिकाकर्ता गीता दवे की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि पश्चिम मध्य रेलवे ने उनकी जमीन का अधिग्रहण किया था। नियमानुसार जमीन अधिग्रहण करने पर रेलवे द्वारा संबंधित व्यक्ति को रोजगार दिया जाता है। उसने नौकरी के लिए आवेदन किया था, जो खारिज कर दिया गया। रेलवे द्वारा तर्क दिया गया कि भूमि अधिग्रहण के एवज में नौकरी देने की पॉलिसी नवंबर 2019 को समाप्त हो गई है। उसके द्वारा सितंबर 2020 को आवेदन किया गया है।
याचिकाकर्ता की तरफ से एकलपीठ को बताया गया कि रेलवे चेयरमैन ने मार्च 2021 में भूमि अतिग्रहण के एवज में नौकरी देने के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया। याकिचाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता संजय वर्मा ने पैरवी की।
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याचिकाकर्ता गीता दवे की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि पश्चिम मध्य रेलवे ने उनकी जमीन का अधिग्रहण किया था। नियमानुसार जमीन अधिग्रहण करने पर रेलवे द्वारा संबंधित व्यक्ति को रोजगार दिया जाता है। उसने नौकरी के लिए आवेदन किया था, जो खारिज कर दिया गया। रेलवे द्वारा तर्क दिया गया कि भूमि अधिग्रहण के एवज में नौकरी देने की पॉलिसी नवंबर 2019 को समाप्त हो गई है। उसके द्वारा सितंबर 2020 को आवेदन किया गया है।
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याचिकाकर्ता की तरफ से एकलपीठ को बताया गया कि रेलवे चेयरमैन ने मार्च 2021 में भूमि अतिग्रहण के एवज में नौकरी देने के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया। याकिचाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता संजय वर्मा ने पैरवी की।
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