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Indore: सॉरी बेटे मैं तुझे किताबें नहीं दिला पाया, फीस नहीं भर पाया... व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिए कई नाम
Tue, 25 Jul 2023 07:20 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 25 Jul 2023 07:20 PM IST
सार
सुसाइड से पहले वीडियो और नोट भी जारी किया, पुलिस कर रही जांच, कई दिनों से सूदखोर कर रहे थे परेशान
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पुलिस को मिला व्यापारी का सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
सूदखोरों से परेशान मसाला व्यापारी ने सोमवार देर रात सुसाइड कर लिया। उसका एक वीडियो और पांच पेज का सुसाइड नोट सामने आया है। साहिल नगर के वीरेंद्र रामगुलाम सेन (35) ने वीडियो और सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम लिखे हैं। आजाद नगर पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और वीडियो की जांच की जा रही है। वीडियो में वीरेंद्र रोते हुए कमिश्नर से गुहार लगा रहा है। वीडियो में उसने कहा कि मैं बर्बाद हो गया हूं। मेरी और परिवार के लोगों की मदद करें। सूदखोरों ने जमीन बिकवा दी। गोदाम पर पहुंचकर गाली-गलौज करते हैं। बच्चों की फीस नहीं भर पा रहा हूं। शंकर शर्मा, राजू पाल और सुनील रायकवार से ने परेशान कर दिया है। इन तीनों से 10 पर्सेंट ब्याज में पैसा लिया था। पैसा चुका रहा था तब भी ये लोग परेशान कर रहे थे। मेरे जाने के बाद परिवार के लोगों को कोई परेशान न करे।
सुसाइड नोट में बताया सूदखोरों ने कितना परेशान किया
श्रीमान कमिश्नर महोदय,
आपसे बताना है कि आप हमारा और हमारे परिवार का साथ देना प्लीज सर...। हमें शंकर शर्मा, कल्याण शर्मा, पवनपुरी ने 2016 से बहुत परेशान किया है। इनसे 2016 में एक लाख रुपए लिए थे। 40 हजार रुपए दे चुका हूं। इसके बाद भी इन लोगों ने मेरे खिलाफ केस दर्ज कराए हैं। इन लोगों ने मुझे बर्बाद कर दिया है। मुझे बहुत परेशान किया है।
ये लोग जीने ही नहीं दे रहे हैं। 2016 से इन लोगों को पैसे दे रहा हूं। मेरा बहुत अच्छा काम था सर। इन लोगों ने मुझे पूरा रोड पर ला दिया है। आप से हाथ जोड़ रहा हूं। मुझे इंसाफ दिलाना। मेरे परिवारवालों को अब ये लोग परेशान न करें। सर मैं मरना नहीं चाहता हूं, पर ये लोग जीने नहीं दे रहे हैं।
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राजू पाल गली नं-2 मयूर नगर से मैं एक लाख रुपए लिया था। दुकान बेचकर 1.20 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद भी मुझ पर सात लाख रुपए का कर्ज बकाया बता रहे हैं। ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे। सुनील रायकवार रोज धमकी देता है कि मेरा पैसा दे नहीं तो अच्छा नहीं होगा। इनके पास मेरा चेक भी है। पैसे देने के बाद भी ये चेक नहीं लौटा रहे। सर मैं बहुत परेशान हो चुका हूं। मेरे बेटे कभी मम्मी को परेशान मत करना। दादा-दादी की सेवा करना। सॉरी शिवा बेटे, मैं तेरी किताबें नहीं दिला पाया। सॉरी बच्चों मैं आपकी फीस नहीं भर पाया। सभी व्यापारी भाइयों मेरे बच्चों का व्यापार में साथ देना प्लीज।
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सुसाइड नोट में बताया सूदखोरों ने कितना परेशान किया
श्रीमान कमिश्नर महोदय,
आपसे बताना है कि आप हमारा और हमारे परिवार का साथ देना प्लीज सर...। हमें शंकर शर्मा, कल्याण शर्मा, पवनपुरी ने 2016 से बहुत परेशान किया है। इनसे 2016 में एक लाख रुपए लिए थे। 40 हजार रुपए दे चुका हूं। इसके बाद भी इन लोगों ने मेरे खिलाफ केस दर्ज कराए हैं। इन लोगों ने मुझे बर्बाद कर दिया है। मुझे बहुत परेशान किया है।
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ये लोग जीने ही नहीं दे रहे हैं। 2016 से इन लोगों को पैसे दे रहा हूं। मेरा बहुत अच्छा काम था सर। इन लोगों ने मुझे पूरा रोड पर ला दिया है। आप से हाथ जोड़ रहा हूं। मुझे इंसाफ दिलाना। मेरे परिवारवालों को अब ये लोग परेशान न करें। सर मैं मरना नहीं चाहता हूं, पर ये लोग जीने नहीं दे रहे हैं।
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राजू पाल गली नं-2 मयूर नगर से मैं एक लाख रुपए लिया था। दुकान बेचकर 1.20 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद भी मुझ पर सात लाख रुपए का कर्ज बकाया बता रहे हैं। ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे। सुनील रायकवार रोज धमकी देता है कि मेरा पैसा दे नहीं तो अच्छा नहीं होगा। इनके पास मेरा चेक भी है। पैसे देने के बाद भी ये चेक नहीं लौटा रहे। सर मैं बहुत परेशान हो चुका हूं। मेरे बेटे कभी मम्मी को परेशान मत करना। दादा-दादी की सेवा करना। सॉरी शिवा बेटे, मैं तेरी किताबें नहीं दिला पाया। सॉरी बच्चों मैं आपकी फीस नहीं भर पाया। सभी व्यापारी भाइयों मेरे बच्चों का व्यापार में साथ देना प्लीज।
