फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   The biggest accident in Indore after 47 years, 36 deaths have not happened yet

Accident: 47 सालों बाद इंदौर में सबसे बड़ा हादसा, अब तक नहीं हुई एक साथ 36 मौतें

Fri, 31 Mar 2023 11:03 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 31 Mar 2023 11:03 PM IST
सार

अक्टूबर 1976 में इंदौर में जहरीली शराब कांड हुआ था। इसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसमें सात महिलाएं शामिल थी। बीस लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खोई थी। ज्यादातर मरने वाले गरीब थे।

विज्ञापन
The biggest accident in Indore after 47 years, 36 deaths have not happened yet
इंदौर में 47 साल बाद कोई बड़ा हादसा हुआ है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 इंदौर में बेलेश्वर महादेव मंदिर में हवन के दौरान बावड़ी में गिरने से हुई 36 लोगों की मौत 47 सालों बाद इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हादसा है। 1976 में इंदौर में शराबकांड हुआ था। उसमें 112 लोगों की मौत हो गई थी। तब एमवाय अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में जगह कम होने के कारण लाशों की थप्पियां जमाना पड़ी थी। शराबकांड से पहले 21 दिसंबर 1970 को पीपल्यापाला में नौका डूबने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद कई वर्षों तक तालाब में नौका संचालन बंद रहा था।

विज्ञापन


जहरीली शराब से 20 ने खोई थी आंखें 
अक्टूबर 1976 में इंदौर में जहरीली शराब कांड हुआ था। इसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसमें सात महिलाएं शामिल थीं। 20 लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खोई थी। ज्यादातर मरने वाले गरीब थे। उस समय भी पूरे शहर में उत्सवी माहौल था। सरकार ने होलकर परिवार से राजवाड़े का अधिग्रहण किया था और इसका समारोह जारी था। इसमें 50 हजार से अधिक लोग जुटे थे। वहीं, लोग सड़कों पर मर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की थी।
विज्ञापन


सिरफिरे आशिक ने जला दिया था नौ लोगों को
स्वर्णबाग काॅलोनी में डेढ़ साल पहले हुए अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हो गई थी। युवक अपनी प्रेमिका से बदला लेना चाहता था और उसने उसके वाहन में आग लगा दी थी। आग ने दूसरे वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे मकान में धुआं भरने से सात लोग जिंदा जल गए थे। दो लोगों ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पटाखा कारखाने में हुई थी नौ लोगों की मौत
राऊ के पटाखा कारखाने में भी विस्फोट के कारण नौ लोगों की मौत सात साल पहले हो चुकी है। राऊ के कारखाने में श्रमिक मटकी अनार और रस्सी बम बना रहे थे। तभी बारुद ने आग पकड़ ली और कारखाने में विस्फोट होने से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के 300 मीटर में खड़े वाहनों के शीशे और  खिड़कियों के कांच टूट गए थे।


होटल गिरा और दब गए लोग, 10 लोगों की हुई थी मौत
31 मार्च 2018 को सरवटे क्षेत्र में एमएस होटल अचानक धराशाई होने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। 9 लोगों के शव मलबे से निकले थे, जबकि एक युवक की मौत अस्पताल में हुई थी। खातीपुरा क्षेत्र में भी मकान गिरने से 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed