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स्वच्छ सर्वेक्षण: मध्यप्रदेश के इंदौर समेत नौ शहरों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
Sun, 08 Nov 2026 01:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 08 Nov 2026 01:08 PM IST
सार
स्वच्छ सर्वेक्षण के राष्ट्रीय सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश के इंदौर समेत नौ शहरों को सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 11 नवंबर को नई दिल्ली में पुरस्कार प्रदान करेंगी। चयनित शहरों में देपालपुर, देवास, उज्जैन, बुदनी, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर शामिल हैं। स्वच्छता और कचरा प्रबंधन इनके चयन का आधार बने।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2026
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण के राष्ट्रीय सम्मान समारोह में मध्यप्रदेश के नौ शहरों को आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 11 नवंबर को नई दिल्ली में भव्य कार्यक्रम में विजेता शहरों को सम्मानित करेंगी। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए देश भर के 4909 शहरों के प्रदर्शन का सूक्ष्म आकलन किया गया, जिनमें से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 57 शहरों का अंतिम चयन किया गया है। मध्यप्रदेश के जिन नौ शहरों को इस राष्ट्रीय समारोह का न्योता मिला है, उनमें इंदौर, देपालपुर, देवास, उज्जैन, बुदनी, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर शामिल हैं।
इंदौर और देपालपुर की जोड़ी चमकी
स्वच्छ सुपर लीग के अंतर्गत मध्यप्रदेश की सात जोड़ियों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी, परंतु राष्ट्रीय स्तर पर केवल इंदौर और देपालपुर की जोड़ी ही सम्मान के लिए चुनी गई है। केवल दो वर्ष पहले प्रदेश के 380 शहरों में स्वच्छता के मामले में 378वें स्थान पर पिछड़ने वाला देपालपुर अब राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होने जा रहा है। इससे पूर्व पिछले सर्वेक्षण में देश के 2030 शहरों के बीच देपालपुर को 1710वीं रैंक प्राप्त हुई थी। देपालपुर की इस अभूतपूर्व प्रगति में इंदौर नगर निगम के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ये भी पढ़ें- दिवाली की सुबह ही बिगड़ी भोपाल की हवा: पिछले साल से ज्यादा प्रदूषण, एक्यूआई 277 तक पहुंचा, शाम तक और बढ़ेगा
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कचरा प्रबंधन और जन-जागरूकता
देपालपुर में 50 टन पुराने लीगेसी वेस्ट को पूर्ण रूप से हटाने के लिए इंदौर नगर निगम के दो हजार सफाईकर्मियों तथा रैग पिकर्स ने सघन स्वच्छता अभियान चलाया। नागरिकों को घरों में ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए 14 हजार डस्टबिन वितरित किए गए। 60 दिन तक चले विशेष जागरूकता अभियान से 75 प्रतिशत लोगों ने प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल बंद कर दिया और डिस्पोजेबल वस्तुओं का प्रयोग भी नियंत्रित हुआ। दूसरी ओर, भोपाल अपनी जोड़ीदार नगर परिषद बैरसिया के साथ इस स्पर्धा की अंतिम चयन सूची में स्थान बनाने से चूक गया।
देवास में घर-घर कचरा संग्रहण
देवास नगर निगम द्वारा नियमित सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों को इस सम्मान का प्रमुख आधार माना गया है। नगर निगम प्रशासन ने कचरा वाहनों के मार्ग निर्धारित करके एक सुदृढ़ निगरानी प्रणाली बनाई। शहर के रहवासी क्षेत्रों, व्यावसायिक बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। 11 नवंबर को राजधानी में आयोजित होने वाले समारोह में महापौर गीता अग्रवाल देवास का यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रहण करेंगी।
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इंदौर और देपालपुर की जोड़ी चमकी
स्वच्छ सुपर लीग के अंतर्गत मध्यप्रदेश की सात जोड़ियों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी, परंतु राष्ट्रीय स्तर पर केवल इंदौर और देपालपुर की जोड़ी ही सम्मान के लिए चुनी गई है। केवल दो वर्ष पहले प्रदेश के 380 शहरों में स्वच्छता के मामले में 378वें स्थान पर पिछड़ने वाला देपालपुर अब राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होने जा रहा है। इससे पूर्व पिछले सर्वेक्षण में देश के 2030 शहरों के बीच देपालपुर को 1710वीं रैंक प्राप्त हुई थी। देपालपुर की इस अभूतपूर्व प्रगति में इंदौर नगर निगम के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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कचरा प्रबंधन और जन-जागरूकता
देपालपुर में 50 टन पुराने लीगेसी वेस्ट को पूर्ण रूप से हटाने के लिए इंदौर नगर निगम के दो हजार सफाईकर्मियों तथा रैग पिकर्स ने सघन स्वच्छता अभियान चलाया। नागरिकों को घरों में ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए 14 हजार डस्टबिन वितरित किए गए। 60 दिन तक चले विशेष जागरूकता अभियान से 75 प्रतिशत लोगों ने प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल बंद कर दिया और डिस्पोजेबल वस्तुओं का प्रयोग भी नियंत्रित हुआ। दूसरी ओर, भोपाल अपनी जोड़ीदार नगर परिषद बैरसिया के साथ इस स्पर्धा की अंतिम चयन सूची में स्थान बनाने से चूक गया।
देवास में घर-घर कचरा संग्रहण
देवास नगर निगम द्वारा नियमित सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों को इस सम्मान का प्रमुख आधार माना गया है। नगर निगम प्रशासन ने कचरा वाहनों के मार्ग निर्धारित करके एक सुदृढ़ निगरानी प्रणाली बनाई। शहर के रहवासी क्षेत्रों, व्यावसायिक बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। 11 नवंबर को राजधानी में आयोजित होने वाले समारोह में महापौर गीता अग्रवाल देवास का यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रहण करेंगी।
