Indore News: इंदौर मेें अब 150 किमी दूर से एयरक्राफ्ट को कंट्रोल कर सकेगा नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल टाॅवर
वर्तमान एटीसी टॉवर काफी पुराना हो गया था और उसकी क्षमता भी सीमित थी। एटीसी अत्याधुनिक राडार और तकनीक से युक्त होगा। फिलहाल एयरपोर्ट से हर घंटे 12 फ्लाइट लैंड एवं टेक ऑफ कर सकती है। नए एटीसी टॉवर बनने से क्षमता दोगुना से ज्यादा हो जाएगी।
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इंदौर के देवी अहिल्या एयरपोर्ट को अपग्रेड करने का काम किया जा रहा है। करीब 80 करोड रुपए की लागत से एटीसी यानी एयर ट्रेफिक कंट्रोल टॉवर, फायर स्टेशन और कम्युनिकेशन बिल्डिंग बनेगी। इंदौर मेें अब 150 किमी दूर से नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल टाॅवर एयरक्राफ्ट को कंट्रोल कर सकेगा। सांसद शंकर लालवानी ने इसका भूमिपूजन किया।
वर्तमान एटीसी टॉवर काफी पुराना हो गया था और उसकी क्षमता भी सीमित थी। इसे अपग्रेड करने की योजना बनी है। नया एटीसी अत्याधुनिक राडार और तकनीक से युक्त होगा। फिलहाल एयरपोर्ट से हर घंटे 12 फ्लाइट लैंड एवं टेक ऑफ कर सकती है। नए एटीसी टॉवर बनने से क्षमता दोगुना से ज्यादा हो जाएगी। नया एटीसी किसी भी एयरक्राफ्ट को 150 किलोमीटर की दूरी से कंट्रोल कर सकता है। अभी इंदौर एयरपोर्ट के कंट्रोल में विमानों के बीच की दूरी 10 मील होना जरुरी है लेकिन अपग्रेडेशन के बाद इसे घटाकर 5 मील तक लाया जा सकता है।जिससे एयरक्राफ्ट हैंडलिंग क्षमता बढ़ जाएगी।
बड़े प्लेन के हिसाब से फायर स्टेशन
बड़े हवाई जहाजों को उतारने के लिए तय मापदंडों के हिसाब से फायर स्टेशन होना चाहिए। इसकी कमी इंदौर मेें खल रही थी।नया फायर स्टेशन बनने के बाद बड़े हवाई जहाज के लिए भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम इंदौर एयरपोर्ट पर होंगे। सांसद लालवानी ने बताया कि इंदौर मेें 100 करोड़ के काम एयरपोर्ट पर हो रहे है। इसमें नया एटीसी, डोमेस्टिक कार्गो, दो नए एयरोब्रिज शामिल है। दो से तीन वर्षों में यह काम पूरे हो जाएंगे। इसके बाद इंदौर मेें उड़ानों की संख्या बढ़ जाएगी।
