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Indore: दो मौसम के मिलन के प्रथम नौ दिन नवरात्रि, बच्चों को संदेश देते हुए बोले कृष्णा गुरुजी
Tue, 27 Sep 2022 08:16 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 27 Sep 2022 08:16 PM IST
सार
कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि मकर सक्रांति जो एक खगोलीय घटना है, वह पिता पुत्र दिवस के रूप में संदेश देती है। महाशिवरात्रि संयुक्त परिवार दिवस का संदेश देती है।
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इंदौर के योग गुरु कृष्णा मिश्रा ने छात्रों से संवाद किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंदौर के योग गुरु कृष्णा मिश्रा ने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट इंदौर के मार्केटिंग के छात्रों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नवरात्रि के नौ दिनों का महत्व बताया साथ ही त्योहारों को परिवार और संस्कारों से जोड़ते हुए समझाया। कार्यक्रम में 300 से अधिक छात्र फैकल्टी मौजूद थे।
कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने कहा कि दो मौसम के मिलन के प्रथम नौ दिन नवरात्रि कहलाते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों को मालूम था मौसम के बदलने पर स्वास्थ्य खराब हो सकता है, इसलिए चार मौसम की चार नवरात्रि बनाईं। इसमें बरसात से ठंड के मिलन की नवरात्रि शारदा नवरात्रि कहलाती है। इसमें गरबे खेले जाते हैं, मंत्र जाप होते हैं। यज्ञ होते हैं। ये सब शुद्धिकरण का एक हिस्सा हैं। गरबे से शरीर पसीना बहाता है, जो शरीर का शुद्धिकरण है।
गुरुजी ने कहा कि शुभ निशुंभ हमारे राग और द्वेष हैं। मधु कैटभ क्रोध और अहंकार हैं। कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि मकर सक्रांति जो एक खगोलीय घटना है, वह पिता पुत्र दिवस के रूप में संदेश देती है। महाशिवरात्रि संयुक्त परिवार दिवस का संदेश देती है। गणपति बप्पा मोरिया क्यों कहा जाता है, इसकी जानकारी भी गुरुजी ने दी। साथ ही सब विद्यार्थियों ने अपने रिश्तों को सम्मान एवं मजबूती देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डायरेक्टर डॉक्टर जॉर्ज थॉमस उपस्थित थे। दीपा जोशी ने आभार प्रकट किया।
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कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने कहा कि दो मौसम के मिलन के प्रथम नौ दिन नवरात्रि कहलाते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों को मालूम था मौसम के बदलने पर स्वास्थ्य खराब हो सकता है, इसलिए चार मौसम की चार नवरात्रि बनाईं। इसमें बरसात से ठंड के मिलन की नवरात्रि शारदा नवरात्रि कहलाती है। इसमें गरबे खेले जाते हैं, मंत्र जाप होते हैं। यज्ञ होते हैं। ये सब शुद्धिकरण का एक हिस्सा हैं। गरबे से शरीर पसीना बहाता है, जो शरीर का शुद्धिकरण है।
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गुरुजी ने कहा कि शुभ निशुंभ हमारे राग और द्वेष हैं। मधु कैटभ क्रोध और अहंकार हैं। कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि मकर सक्रांति जो एक खगोलीय घटना है, वह पिता पुत्र दिवस के रूप में संदेश देती है। महाशिवरात्रि संयुक्त परिवार दिवस का संदेश देती है। गणपति बप्पा मोरिया क्यों कहा जाता है, इसकी जानकारी भी गुरुजी ने दी। साथ ही सब विद्यार्थियों ने अपने रिश्तों को सम्मान एवं मजबूती देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डायरेक्टर डॉक्टर जॉर्ज थॉमस उपस्थित थे। दीपा जोशी ने आभार प्रकट किया।
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