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MP: बुंदेलखंड के 61 लाख लोगों को शुद्ध जल देना पहली प्राथमिकता, जल संसाधन मंत्री बनने के बाद बोले तुलसी सिलावट
Sat, 06 Jan 2024 07:35 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 06 Jan 2024 07:35 PM IST
सार
विधायक तुलसी सिलावट ने जल संसाधन मंत्रालय मिलने के बाद अमर उजाला से चर्चा में बताई आगामी योजनाएं, मप्र में बढ़ेगा 18 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा
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आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी देते सिलावट।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के विधायक तुलसी सिलावट को मुख्यमंत्री मोहन यादव की नई कैबिनेट में जल संसाधन मंत्रालय दिया गया है। मंत्रालय मिलने के बाद उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि बुंदेलखंड के 61 लाख लोगों को शुद्ध जल देना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अभी पूरा ध्यान केन बेतवा प्रोजेक्ट ken betwa project link pariyojna पर है। उसे तेजी से पूरा किया जाएगा। इससे न सिर्फ लोगों को शुद्ध जल मिलेगा बल्कि 103 मेगावाट बिजली भी मिलेगी। सिलावट minister tulsi silawat ने कहा कि इससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास तेज होगा। सिलावट ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार बहुमत से आई है। डबल इंजन की यह सरकार मिलकर जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगी।
मप्र में बढ़ेगा सिंचाई का रकबा
सिलावट ने कहा कि मप्र में सिंचाई का रकबा 2004 में 6 लाख अब 47 लाख हैक्टेयर था। अब 65 लाख हैक्टेयर में सिंचाई करेंगे। कुल 18 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि 2005 में नदियों को जोड़ने की योजना आई थी जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था। केन बेतवा योजना 46 हजार करोड़ की परियोजना है। इससे उस क्षेत्र में 8 लाख 11 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा होगा। उप्र और बुंदेलखंड के 61 लाख लोगों पीने का शुद्ध जल मिलेगा। 103 मेगावाट बिजली होगी। इन सबसे पर्यटन आएगा और विकास तेज होगा।
क्या है केन बेतवा प्रोजेक्ट
केन-बेतवा लिंक परियोजना मध्यप्रदेश की सर्वप्रथम परियोजना है, जिसका 2005 में शुभारंभ हुआ। इस परियोजना से टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, झांसी और बुंदेलखंड के क्षेत्रों को फायदा होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project- KBLP) नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना है, इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश की केन नदी के अधिशेष जल को बेतवा नदी में हस्तांतरित करना है। इस परियोजना में 77 मीटर लंबे तथा 2 किमी. चौड़े बांध और 230 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण कार्य शामिल है।
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मप्र में बढ़ेगा सिंचाई का रकबा
सिलावट ने कहा कि मप्र में सिंचाई का रकबा 2004 में 6 लाख अब 47 लाख हैक्टेयर था। अब 65 लाख हैक्टेयर में सिंचाई करेंगे। कुल 18 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि 2005 में नदियों को जोड़ने की योजना आई थी जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था। केन बेतवा योजना 46 हजार करोड़ की परियोजना है। इससे उस क्षेत्र में 8 लाख 11 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा होगा। उप्र और बुंदेलखंड के 61 लाख लोगों पीने का शुद्ध जल मिलेगा। 103 मेगावाट बिजली होगी। इन सबसे पर्यटन आएगा और विकास तेज होगा।
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क्या है केन बेतवा प्रोजेक्ट
केन-बेतवा लिंक परियोजना मध्यप्रदेश की सर्वप्रथम परियोजना है, जिसका 2005 में शुभारंभ हुआ। इस परियोजना से टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, झांसी और बुंदेलखंड के क्षेत्रों को फायदा होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project- KBLP) नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना है, इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश की केन नदी के अधिशेष जल को बेतवा नदी में हस्तांतरित करना है। इस परियोजना में 77 मीटर लंबे तथा 2 किमी. चौड़े बांध और 230 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण कार्य शामिल है।
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