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इंदौर: 400 महिला उद्यमियों का महासंगम, दिग्गज हस्तियों ने दिए सफलता के गुरुमंत्र
Fri, 09 Oct 2026 09:08 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 09 Oct 2026 09:08 PM IST
सार
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 5वें विमेन लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक महिला पेशेवरों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया, जहां विभिन्न क्षेत्रों की 12 महिला दिग्गजों ने अपने अनुभव साझा किए।
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर में आयोजित 5वें विमेन लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में देशभर की महिला दिग्गजों का जमावड़ा देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आई 400 से अधिक महिला उद्यमियों और पेशेवरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की थीम बियॉन्ड शेपिंग व्हाट्स नेक्स्ट रखी गई, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर नेतृत्व करने, नए अवसर तलाशने और परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना था। समारोह के दौरान 12 प्रमुख महिला वक्ताओं ने लीडरशिप, एंटरप्रेन्योरशिप और मार्केटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और अनुभव साझा किए।
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400 महिला लीडर्स का महासंगम
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गजों ने साझा किए अपने अनुभव
वेस्टसाइड फैशन लाइफस्टाइल की सीईओ और सीओओ शैलिना पार्टि ने शून्य से 25 करोड़ रुपये का ब्रांड स्थापित करने की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि वेस्टसाइड में महिला कर्मचारियों की संख्या 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत की गई है। उनका मूलमंत्र है कि लक्ष्य साफ रखें, निडर होकर फैसले लें और बदलाव को अपनाएं। लेखिका और सॉल्ट की सह-संस्थापक शिंजनी कुमार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 30 शहरों की 300 महिलाओं पर किए गए शोध से पता चलता है कि महिलाएं बेहद सक्षम हैं, फिर भी उन्हें सीमित दायरों में रखा जाता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें। निविया इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर गीतिका मेहता ने ब्रांड निर्माण और नेतृत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि पूर्णता एक भ्रम है। अपने दिल की आवाज सुनना और बिना संकोच के मना करना सीखना ही आगे बढ़ने का सही तरीका है।
कला, प्रौद्योगिकी और बिजनेस में नारी शक्ति की मिसाल
रंगमंच अभिनेत्री और कास्टिंग डायरेक्टर डॉली ठाकोर ने कहा कि आज की भारतीय महिलाएं आत्मविश्वासी, समझदार और मेहनती हैं जो अपनी राह खुद बना रही हैं। बालाजी वेफर्स की टेक्नोलॉजी एवं मार्केटिंग प्रमुख मानसी विरानी ने परंपरा और तकनीक के तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि असली तरक्की कंफर्ट जोन से बाहर निकलने पर ही संभव है। रस लग्जरी स्किनकेयर की संस्थापक और सीईओ शुभिका जैन ने बताया कि शुद्धता और गुणवत्ता से समझौता न करके ही वैश्विक ब्रांड्स को टक्कर दी जा सकती है। कर सलाहकार और जीएसटी विशेषज्ञ सीए शिवानी शाह अग्रवाल्ला ने आत्म-मूल्य और संतुलित संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि आप जो दूसरों को देते हैं, उसी से आपका जीवन बनता है।
ब्रांड रणनीतिकार और इमेज कोच के गुरुमंत्र
एचआरएक्स बाय ऋतिक रोशन की चीफ स्ट्रैटेजी एडवाइजर पल्लवी बर्मन ने कहा कि अपनी कहानी के प्रति सच्चे रहें और अपने काम पर गर्व करें। लर्निंग एंड डेवलपमेंट प्रमुख डॉ. शिवानी शर्मा ने प्रभावी संवाद तकनीक पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रथम छाप का गहरा प्रभाव पड़ता है और संवाद में हाव-भाव सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। अभिनेत्री सुनीता राजवर ने जमीन से जुड़े रहने और विनम्रता को सफलता की नींव बताया। वहीं गायिका और कवयित्री चिन्मयी त्रिपाठी ने मुश्किल समय से सीख लेने और खुद को कभी कम न आंकने का संदेश दिया।
सामाजिक व पर्यावरण जागरूकता की पहल
बियोंड मूवमेंट के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अब तक 1,000 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। इसके अलावा बियोंड ड्रॉप पहल के माध्यम से जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मेंटॉरशिप, ट्रेनिंग और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान कर उनके कौशल को निखारना है।
वेस्टसाइड फैशन लाइफस्टाइल की सीईओ और सीओओ शैलिना पार्टि ने शून्य से 25 करोड़ रुपये का ब्रांड स्थापित करने की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि वेस्टसाइड में महिला कर्मचारियों की संख्या 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत की गई है। उनका मूलमंत्र है कि लक्ष्य साफ रखें, निडर होकर फैसले लें और बदलाव को अपनाएं। लेखिका और सॉल्ट की सह-संस्थापक शिंजनी कुमार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 30 शहरों की 300 महिलाओं पर किए गए शोध से पता चलता है कि महिलाएं बेहद सक्षम हैं, फिर भी उन्हें सीमित दायरों में रखा जाता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें। निविया इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर गीतिका मेहता ने ब्रांड निर्माण और नेतृत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि पूर्णता एक भ्रम है। अपने दिल की आवाज सुनना और बिना संकोच के मना करना सीखना ही आगे बढ़ने का सही तरीका है।
कला, प्रौद्योगिकी और बिजनेस में नारी शक्ति की मिसाल
रंगमंच अभिनेत्री और कास्टिंग डायरेक्टर डॉली ठाकोर ने कहा कि आज की भारतीय महिलाएं आत्मविश्वासी, समझदार और मेहनती हैं जो अपनी राह खुद बना रही हैं। बालाजी वेफर्स की टेक्नोलॉजी एवं मार्केटिंग प्रमुख मानसी विरानी ने परंपरा और तकनीक के तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि असली तरक्की कंफर्ट जोन से बाहर निकलने पर ही संभव है। रस लग्जरी स्किनकेयर की संस्थापक और सीईओ शुभिका जैन ने बताया कि शुद्धता और गुणवत्ता से समझौता न करके ही वैश्विक ब्रांड्स को टक्कर दी जा सकती है। कर सलाहकार और जीएसटी विशेषज्ञ सीए शिवानी शाह अग्रवाल्ला ने आत्म-मूल्य और संतुलित संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि आप जो दूसरों को देते हैं, उसी से आपका जीवन बनता है।
ब्रांड रणनीतिकार और इमेज कोच के गुरुमंत्र
एचआरएक्स बाय ऋतिक रोशन की चीफ स्ट्रैटेजी एडवाइजर पल्लवी बर्मन ने कहा कि अपनी कहानी के प्रति सच्चे रहें और अपने काम पर गर्व करें। लर्निंग एंड डेवलपमेंट प्रमुख डॉ. शिवानी शर्मा ने प्रभावी संवाद तकनीक पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रथम छाप का गहरा प्रभाव पड़ता है और संवाद में हाव-भाव सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। अभिनेत्री सुनीता राजवर ने जमीन से जुड़े रहने और विनम्रता को सफलता की नींव बताया। वहीं गायिका और कवयित्री चिन्मयी त्रिपाठी ने मुश्किल समय से सीख लेने और खुद को कभी कम न आंकने का संदेश दिया।
सामाजिक व पर्यावरण जागरूकता की पहल
बियोंड मूवमेंट के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अब तक 1,000 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। इसके अलावा बियोंड ड्रॉप पहल के माध्यम से जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मेंटॉरशिप, ट्रेनिंग और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान कर उनके कौशल को निखारना है।
