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Indore: इंदौर में बड़ा हादसा, उषा नगर मार्ग पर निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरी, दबने से दो मजदूर घायल
Mon, 04 Mar 2024 06:19 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Mon, 04 Mar 2024 06:19 PM IST
सार
बिल्डिंग की छतों को भरने में की गई जल्दबाजी बिल्डिंग के गिरने की वजह बनी। छोटे से प्लाॅट पर तल मंजिल का निर्माण किया गया था और दीवार के निर्माण के बजाए अेापन छत भरी जा रही थी। इस कारण पिलर वजन नहीं झेल पाए।
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निर्माणाधीन इमारत गिरने से घायल हुए दो मजदूर।
- फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
इंदौर के उषानगर मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन बिल्डिंग गिर गई। तल मंजिल पर काम कर रहे तीन मजदूर मलबे में फंस गए। जिन्हें निकालने के लिए फायरब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंच गई। बिल्डिंग की दो छतों की स्लैब भर दी गई थी। जो गिरने के कारण झुक गई। एक मजदूर को मामूली चोट आई है,जबकि दो मजदूर घायल हुए हैं।
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तलघर में फंसे मजदूरों पर ज्यादा मलबा नहीं गिरा, लेकिन सरियों के जाल के कारण वे जल्दी बाहर नहीं निकल पा रहे थे। जेसीबी से लोहे के जाल को एक तरफ हटाया गया, ताकि मजदूर बाहर निकल सकें। मलबा गिरने के कारण मजदूरों के कंधे, हाथ और सिर पर चोटें आईं हैं। एक मजदूर का हाथ फ्रेक्चर हुआ है। कुछ देर बाद पुलिसकर्मियों ने धराशायी बिल्डिंंग से मजदूरों को बाहर निकाल लिया। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया है।
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वजन झेल नहीं पाए पिलर
बिल्डिंग की छतों को भरने में की गई जल्दबाजी बिल्डिंग के गिरने की वजह बनी। छोटे से प्लाॅट पर तल मंजिल का निर्माण किया गया था और दीवार के निर्माण के बजाए अेापन छत भरी जा रही थी। इस कारण पिलर वजन नहीं झेल पाए और सोमवार दोपहर दूसरी मंजिल की छत भरभराकर गिर पड़ी। आसपास के लोगों का कहना है कि आठ दिन के भीतर ही दो फ्लोर की छतों की स्लैब भर दी गई थी, जबकि एक छत को खोेलने में 21 दिन का समय चाहिए होता है।
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निर्माणाधीन बिल्डिंग के आसपास दूसरे भी मकान है, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। मौके पर नगर निगम के अफसर भी पहुंचे और वे यह जांच कर रहे है कि बिल्डिंग का निर्माण नक्शे के अनुसार किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल घायल श्रमिकों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ठेकेदार पर प्रकरण दर्ज कर सकती है।
