Indore:हादसे में बचे घायल ने कहा- अंधेरेे में खड़े ट्रक को ड्रायवर देेख नहीं पाया
भांगुर ने बताया कि वे सभी गुना से आए थे और तीन दिन से आलीराजपुर मेें थे। यहां वे एक मान के कार्यक्रम के अलावा विवाह समारोह में शामिल होने आए थे। जीप में सवार अंतिम की आलीराजपुर में जमीन थी और उनके जमीन का के बंटवारे का मामला भी सुलझाना था।
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इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। ट्रक से टकराई कार में 9 लोग सवार थे। हादसे में बचे एक मात्र घायल भांगुर ने बताया कि वे रात आठ बजे आलीराजपुर से निकले थे। घाटा बिल्लौद के पास सड़क पर अंधेरा था।
कार चला रहे ड्रायवर को सड़क पर खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और कार उससे जा टकराई। मैं कार में पीछे सवार थे। टक्कर के बाद मैं बेहोश हो गया। होश आया तो अस्पताल में था।
तब मुझे पता चला कि कार में सवार मेरे आठों परिचितों की जान चली गई। भांगुर हादसे में खुद के बचने को भगवान द्वारा दी गई नई जिंदगी बता रहा है,क्योकि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार कर परखच्चे उड़ गए और कार के हिस्सों को तोड़कर मृृत लोगों को निकाला गया।
तीन दिन से आलीराजपुर में थे
भांगुर ने बताया कि वे सभी गुना से आए थे और तीन दिन से आलीराजपुर मेें थे। यहां वे एक मान के कार्यक्रम के अलावा विवाह समारोह में शामिल होने आए थे। जीप में सवार अंतिम की आलीराजपुर में जमीन थी और उनके जमीन का के बंटवारे का मामला भी सुलझाना था।
अंतिम के जीजा धन सिंह ने बताया कि अंतिम के एक भाई का पहले ही निधन हो चुका है। अब उसके परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे और एक विधवा भाभी है। अंतिम के पिता भी कार से सवार थे। उनकी भी हादसे में मौत हो गई। हादसे में मृत लोगों का पोस्टमार्टम एमवाय अस्पताल में हुआ। दोपहर में परिजनों को शव सौंपे गए। जिन्हे लेकर वे गुना के लिए रवाना हो गए।
