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Indore: इंदौर में श्रावण अमावस्या पर पितृ रुद्राभिषेक, कृष्णा गुरुजी के सान्निध्य में होगा शिव पूजन
Mon, 21 Jul 2025 12:13 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:13 PM IST
सार
श्रावण अमावस्या के पावन अवसर पर 24 जुलाई 2025 को इंदौर के पित्रेश्वर महादेव मंदिर में पितृ शांति और विश्व शांति के लिए विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन होगा। यह अनुष्ठान आध्यात्मिक गुरु कृष्णा गुरुजी के सान्निध्य में संपन्न होगा।
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कृष्णा गुरुजी
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में श्रावण मास की अमावस्या तिथि पर इंदौर स्थित पित्रेश्वर महादेव मंदिर में 24 जुलाई 2025 को विशेष पितृ रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन शाम 5 बजे से 7 बजे तक आध्यात्मिक गुरु कृष्णा गुरुजी के सान्निध्य में संपन्न होगा। रुद्राभिषेक में 11 विद्वान ब्राह्मण सामूहिक रूप से पंचामृत, काले तिल और महाकाल हरि ॐ जल से शिवलिंग का अभिषेक करेंगे। यह धार्मिक अनुष्ठान पितृ शांति और विश्व शांति के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कृष्णा गुरुजी ने बताया कि श्रावण अमावस्या के दिन पितृ तत्व अत्यंत सक्रिय रहते हैं और यह तिथि पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष रूप से पुण्यदायक मानी जाती है। इस दौरान श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और तिल अर्पण कर पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
जानें कौन हैं कृष्णा गुरुजी?
कृष्णा मिश्रा, जिन्हें लोग कृष्णा गुरुजी के नाम से जानते हैं, एक अंतरराष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे मानवता का संदेश फैलाने और योग सिखाने का काम करते हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2023 पर उन्होंने भोपाल से दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन में योग करके खास पहचान बनाई। इससे पहले वे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कुलियों के साथ योग कर चुके हैं। साल 2022 में उन्होंने अमेरिका के सिएटल शहर में सभी धर्मों की एकता और विश्व शांति के लिए एक बड़ी प्रार्थना सभा भी करवाई थी।
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ये भी पढ़ें; मध्य प्रदेश में कमजोर पड़ा सिस्टम,भारी बारिश से राहत, 23 जुलाई से फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर
कृष्णा गुरुजी त्योहारों को केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं मानते। वे इन्हें समाज और युवाओं को जागरूक करने का एक जरिया बनाते हैं। साथ ही वे एक जाने-माने हीलर भी हैं, जो टच थैरेपी और डिवाइन एस्ट्रो-हीलिंग जैसी खास विधियों से लोगों को खुद को ठीक करने और ग्रहों के बुरे असर से राहत पाने में मदद करते हैं।
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कृष्णा गुरुजी ने बताया कि श्रावण अमावस्या के दिन पितृ तत्व अत्यंत सक्रिय रहते हैं और यह तिथि पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष रूप से पुण्यदायक मानी जाती है। इस दौरान श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और तिल अर्पण कर पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
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जानें कौन हैं कृष्णा गुरुजी?
कृष्णा मिश्रा, जिन्हें लोग कृष्णा गुरुजी के नाम से जानते हैं, एक अंतरराष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे मानवता का संदेश फैलाने और योग सिखाने का काम करते हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2023 पर उन्होंने भोपाल से दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन में योग करके खास पहचान बनाई। इससे पहले वे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कुलियों के साथ योग कर चुके हैं। साल 2022 में उन्होंने अमेरिका के सिएटल शहर में सभी धर्मों की एकता और विश्व शांति के लिए एक बड़ी प्रार्थना सभा भी करवाई थी।
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कृष्णा गुरुजी त्योहारों को केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं मानते। वे इन्हें समाज और युवाओं को जागरूक करने का एक जरिया बनाते हैं। साथ ही वे एक जाने-माने हीलर भी हैं, जो टच थैरेपी और डिवाइन एस्ट्रो-हीलिंग जैसी खास विधियों से लोगों को खुद को ठीक करने और ग्रहों के बुरे असर से राहत पाने में मदद करते हैं।
