Indore:अब शांति एक्सप्रेस में लगेंगे एलएचबी रैक, आसान होगा यात्रियों का सफर
एलएएचबी यात्री कोच को जर्मनी के लिंक हॉफमैन बुश द्वारा बनाया गया था।इस वजह से यह एलएचएबी कोच या रैक के नाम से पहचाना जाता है। भारतीय रेल के लिए यह कोच कपूरथला, चेन्नई और रायबरेली में बनते है। यह कोच स्टेनलेस स्टील के बने होते है।
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मध्य प्रदेश से गुजरात जाने वाले वाले यात्रियों की ट्रेन सफर अब सुरक्षित और आरामदायक होगाा। इंदौर से गांधी नगर तक जाने वाली शांति एक्सप्रेस ट्रेन के लिए रेल विभाग ने एलएचबी रैक(लिंक हॉफमैन बुश) तैयार कराए है। फरवरी माह से उसके साथ रेलगाड़ी का संचालन होगा।
पश्चिम रेलवे ने ट्रेन संख्या 19310/19309 इंदौर-गांधीनगर कैपिटल-इंदौर शांति एक्सप्रेस के पारंपरिक आईसीएफ रेक को एलएचबी(लिंक हॉफमैन बुश) रैक से बदलने का निर्णय लिया है।
ट्रेन संख्या 19310 इंदौर गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस इंदौर से 1 फरवरी से और गाड़ी संख्या 19309 गांधीनगर कैपिटल इंदौर एक्सप्रेस 2 फरवरी से एलएचबी रैक से चलेगी। इस ट्रेन में एक फर्स्ट एसी, दो सेकंड एसी, छ: थर्ड एसी, सात स्लीपर श्रेणी और चार सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। ट्रेन के लिए रैक बनकर तैयार हो चुके है।
क्या है एलएचबी रैक
एलएएचबी यात्री कोच को जर्मनी के लिंक हॉफमैन बुश द्वारा बनाया गया था।इस वजह से यह एलएचएबी कोच या रैक के नाम से पहचाना जाता है। भारतीय रेल के लिए यह कोच कपूरथला, चेन्नई और रायबरेली में बनते है। यह कोच स्टेनलेस स्टील के बने होते है। हादसों के समय यह कोच कम क्षतिग्रस्त होते है। यात्रियों के लिए भी यह कोच आरामदायक होते है।
