रक्षाबंधन पर बसों और ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को इस बार बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख ट्रेनों में अधिक वेटिंग होने के कारण रेलवे ने बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी है। बसों में भी सीटें हैं और टिकट की बुकिंग रोक दी गई है। इससे लोगों को कन्फर्म टिकट मिल पाना मुश्किल हो गया है।
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ट्रेनों में पांव रखने की जगह नहीं।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
बस और फ्लाइट के किराए में चार गुना बढ़ोतरी
जहां रेलवे यात्रियों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा, वहीं ट्रेवल्स बस संचालकों और फ्लाइट कंपनियों ने मनमानी शुरू कर दी है। रक्षाबंधन के एक दिन पहले बस और फ्लाइट किराए में चार गुना तक इजाफा हो गया है। इंदौर से बाहर जाने और आने वाली बसों की कीमतें आसमान छू रही हैं। यात्रियों को मजबूरी में ज्यादा भुगतान कर सफर करना पड़ रहा है।
बसों में लटक के जा रहे लोग
शुक्रवार को इंदौर में कई दृश्य दिखाई दिए जिनमें लोग बसों और ट्रेनों में लटक लटक कर यात्रा कर रहे हैं। कई जगह बसों में ऊपर चढ़कर भी लोग यात्रा करते हुए देखे गए। ट्रेनों में पांव रखने की जगह नहीं है लेकिन लोग ठसाठस भरकर अपने घर जाना चाहते हैं। पुलिस और प्रशासन हर जगह समझाइश दे रहा है लेकिन फिर भी लोग जान की परवाह किए बिना जोखिम उठाकर यात्रा कर रहे हैं।
लंबा वीकेंड बना परेशानी की मुख्य वजह
9 अगस्त को रक्षाबंधन शनिवार को आ रहा है और अगले दिन रविवार की छुट्टी है। इसके बाद 15 अगस्त शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस और उसके बाद फिर दो दिन की छुट्टी होने से लगातार छुट्टियों का सिलसिला बना हुआ है। इसी के चलते बड़ी संख्या में लोग 3 से 4 दिन के लिए अपने घर या पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे हैं। यही वजह है कि ट्रेनों और बसों में दबाव बढ़ गया है और किराया भी आसमान छू रहा है।
मुंबई, पुणे, दिल्ली, जयपुर रूट सबसे ज्यादा व्यस्त
इंदौर से खासकर मुंबई, पुणे, दिल्ली, ग्वालियर और जयपुर जैसे शहरों के लिए सबसे ज्यादा यात्रा हो रही है। वहीं फ्लाइट से बेंगलूरु, हैदराबाद और मुंबई के लिए भी भारी मांग बनी हुई है। रक्षाबंधन के पहले इंदौर आने वालों की संख्या ज्यादा है, जबकि त्यौहार के बाद इंदौर से बाहर जाने वालों की भीड़ नजर आएगी।