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इंदौर: स्टाइपेंड बढ़ने पर खत्म हुआ आंदोलन, एमवाय अस्पताल में काम पर लौटे जूनियर डॉक्टर
Wed, 09 Sep 2026 12:40 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:40 PM IST
सार
इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' और भोपाल में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर सेवाएं सुचारु रखने का दावा किया है।
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जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
मध्य प्रदेश में चल रहा इंटर्न डॉक्टर्स का आंदोलन खत्म हो गया है और उनकी मांगें मान ली गई हैं। इसी के साथ इंदौर के एमवाय अस्पताल में भी इंटर्न डॉक्टर्स काम पर लौट गए हैं। अब इंटर्न डॉक्टर्स को 21,500 रुपए का स्टाइपेंड मिलेगा। सरकार ने 50% स्टाइपेंड बढ़ाया है।
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इससे पहले इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच में चिकित्सा व्यवस्था उस समय प्रभावित हुई जब जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। यहां के डॉक्टर भोपाल में हुए लाठीचार्ज और 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे थे। मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स 3 दिन से सड़कों पर थे। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास हुआ, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन करते रहे। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिखा और कई जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई।
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हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की थी
बुधवार को सुबह एमवाय अस्पताल परिसर में एकत्र हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना था कि एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र अस्पतालों में दिन-रात सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद देश के अलग-अलग राज्यों में उनके मानदेय में भारी असमानता है। डॉक्टरों की मांग थी कि पूरे देश में एक समान मानदेय व्यवस्था लागू की जाए और भोपाल में चिकित्सकों पर बल प्रयोग करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो। इंटर्न डॉक्टर राजेश सोनी ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. रागिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी में भी हम लगातार आंदोलन करेंगे। सीनियर डॉक्टर, हमारे सभी साथी और परिचित इस आंदोलन में हमारे साथ हैं।
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स्टाइपेंड पर पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था की मांग
जूडा इंदौर के अध्यक्ष डॉक्टर विक्रम नेतू ने कहा कि भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया गया। हम दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं। इस तरह का सलूक कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारी प्रमुख मांग है कि पूरे देश में समान स्टाइपेंड व्यवस्था लागू होना चाहिए।
अस्पताल प्रबंधन बोला मरीज परेशान नहीं होंगे
अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर अशोक यादव का कहना है कि मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रबंधन के अनुसार ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चालू हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों और कंसल्टेंट्स को मोर्चे पर तैनात किया गया है। वहीं कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े।
