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Indore News: नाइट वर्क कल्चर बंद नहीं होना चाहिए, इससे आईटी और बीपीओ इंडस्ट्री को होगा बड़ा नुकसान
Fri, 12 Jul 2024 08:55 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 12 Jul 2024 08:55 PM IST
सार
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने व्यवसायिक/औद्योगिक/कार्यालय आदि संस्थानों के लिए 24 घंटे संचालन संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
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सावन लड्ढा और गुंजन शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
इंदौर में नाइट कल्टर के दुष्परिणामों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर रात्रिकालीन बाजार एवं व्यवसायिक संस्थानों के संचालन को तुरंत बंद कर दिया गया है। अब इस विषय में जल्द ही नई व्यवस्था लागू होगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने पूर्व में निरंजनपुर चौराहे से राजीव गांधी चौराहे तक, बी.आर.टी.एस कॉरिडोर में विभिन्न व्यवसायिक/औद्योगिक/कार्यालय आदि संस्थानों के लिए 24 घंटे संचालन संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान होगा
इन्वेस्ट एमपी के सचिव सावन लड्ढा ने कहा कि इंदौर में नाइट आफिस वर्क को नाइट कल्चर से मिक्स कर दिया गया। यदि हम नाइट में काम नहीं करेंगे तो आईटी इंडस्ट्री और फारेन बेस्ड कंपनियों के लिए तो बड़ा नुकसान होगा। रात में काम करने वाली इन सभी इंडस्ट्री को ट्रांसपोर्ट, खाना पीना, मेडिकल सुविधाएं सभी रात में भी चाहिए। रात में जो पब, बार और नशा करने वालों की वजह से दिक्कत हो रही थी उसका नुकसान नाइट आफिस वर्क को भी झेलना पड़ा। अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए भी योजना बनाना चाहिए।
सही प्लानिंग के साथ करना चाहिए
56 दुकान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने कहा कि इंदौर खानपान के लिए जाना जाता है और यदि यहां पर रातभर फूड इंडस्ट्री को खुला रखा जाएगा तो इससे फायदा भी बहुत होगा। हालांकि इसके लिए पूरी योजना की जरूरत है। अपराध न बढ़ें और शहर की सुरक्षा व्यवस्था सही रहे यह प्राथमिकता होना चाहिए। अभी सिर्फ बीआरटीएस पर बाजार खुले थे जिसमें बड़े फूड जोन नहीं थे इसलिए उस आदेश के निरस्त होने से भी कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।
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क्यों उठी थी मांग
इंदौर में रात्रिकालीन बाजार को शुरू करने की मांग आईटी इंडस्ट्री की तरफ से उठी थी। आईटी इंडस्ट्री संचालकों का कहना है कि उनकी कंपनियों में दिन और रात की शिफ्ट्स चलती हैं। मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों की तरह अब इंदौर में 24 घंटे की नौकरी व्यवस्था की तरफ जा रहा है। कुछ कंपनियां सीधे अमेरिका और अन्य देशों के लिए काम करती हैं जिससे उन्हें रातभर काम करना पड़ता है। बीपीओ इंडस्ट्री भी रात की शिफ्ट में काम करती है। इन सभी वजहों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था।
विजयवर्गीय ने उठाया मुद्दा
उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से इंदौर संभाग के मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य विधायकों ने शहर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और ड्रग के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने और इंदौर में रात्रिकालीन बाजार एवं व्यवसायिक संस्थानों के संचालन के संबंध में नई व्यवस्था लागू करने सहित अन्य विषय रखे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल निर्देश दिए कि इंदौर शीघ्र ही विस्तृत कार्ययोजना बनाकर रात्रिकालीन बाजार, औद्योगिक संस्थान, कार्यालय संचालन आदि के संबंध में नई व्यवस्था लागू की जाएगी। ड्रग के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी रूप से रोक लगाई जाएगी। बड़े दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही होगी।
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इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान होगा
इन्वेस्ट एमपी के सचिव सावन लड्ढा ने कहा कि इंदौर में नाइट आफिस वर्क को नाइट कल्चर से मिक्स कर दिया गया। यदि हम नाइट में काम नहीं करेंगे तो आईटी इंडस्ट्री और फारेन बेस्ड कंपनियों के लिए तो बड़ा नुकसान होगा। रात में काम करने वाली इन सभी इंडस्ट्री को ट्रांसपोर्ट, खाना पीना, मेडिकल सुविधाएं सभी रात में भी चाहिए। रात में जो पब, बार और नशा करने वालों की वजह से दिक्कत हो रही थी उसका नुकसान नाइट आफिस वर्क को भी झेलना पड़ा। अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए भी योजना बनाना चाहिए।
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सही प्लानिंग के साथ करना चाहिए
56 दुकान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने कहा कि इंदौर खानपान के लिए जाना जाता है और यदि यहां पर रातभर फूड इंडस्ट्री को खुला रखा जाएगा तो इससे फायदा भी बहुत होगा। हालांकि इसके लिए पूरी योजना की जरूरत है। अपराध न बढ़ें और शहर की सुरक्षा व्यवस्था सही रहे यह प्राथमिकता होना चाहिए। अभी सिर्फ बीआरटीएस पर बाजार खुले थे जिसमें बड़े फूड जोन नहीं थे इसलिए उस आदेश के निरस्त होने से भी कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।
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क्यों उठी थी मांग
इंदौर में रात्रिकालीन बाजार को शुरू करने की मांग आईटी इंडस्ट्री की तरफ से उठी थी। आईटी इंडस्ट्री संचालकों का कहना है कि उनकी कंपनियों में दिन और रात की शिफ्ट्स चलती हैं। मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों की तरह अब इंदौर में 24 घंटे की नौकरी व्यवस्था की तरफ जा रहा है। कुछ कंपनियां सीधे अमेरिका और अन्य देशों के लिए काम करती हैं जिससे उन्हें रातभर काम करना पड़ता है। बीपीओ इंडस्ट्री भी रात की शिफ्ट में काम करती है। इन सभी वजहों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था।
विजयवर्गीय ने उठाया मुद्दा
उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से इंदौर संभाग के मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य विधायकों ने शहर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और ड्रग के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने और इंदौर में रात्रिकालीन बाजार एवं व्यवसायिक संस्थानों के संचालन के संबंध में नई व्यवस्था लागू करने सहित अन्य विषय रखे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल निर्देश दिए कि इंदौर शीघ्र ही विस्तृत कार्ययोजना बनाकर रात्रिकालीन बाजार, औद्योगिक संस्थान, कार्यालय संचालन आदि के संबंध में नई व्यवस्था लागू की जाएगी। ड्रग के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी रूप से रोक लगाई जाएगी। बड़े दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही होगी।
