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Indore News: बस में छेड़छाड़ का आरोपी 7 दिन बाद भी नहीं पकड़ाया, ड्राइवर-क्लीनर की जमानत खारिज
Mon, 17 Nov 2025 11:51 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:51 AM IST
सार
Indore News: मुंबई से इंदौर आ रही हंस ट्रेवल्स की बस में युवती से हुई अश्लील हरकतों के मामले में बड़वानी कोर्ट ने ड्राइवर और क्लीनर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।
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आरोपी किशोर सिंह
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
पिछले दिनों मुंबई से इंदौर लौट रही एक युवती के साथ हंस ट्रेवल्स की बस में हुई छेड़छाड़ के गंभीर मामले में पुलिस ने ड्राइवर और क्लीनर को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को बड़वानी कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, इस वारदात का मुख्य आरोपी किशोर सिंह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह मामला साधारण छेड़छाड़ का नहीं, बल्कि चलती बस में युवती के साथ अश्लील हरकतें करने और विरोध करने पर अन्य यात्रियों को धमकाने का है। इस केस में पीड़िता की मां की हिम्मत और सूझबूझ ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने आधी रात को बेटी का फोन आने पर खुद कार चलाकर सेंधवा टोल नाके पहुंचकर आरोपियों को पकड़वाया।
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क्या है पूरा मामला?
यह घटना 6 नवंबर की है। इंदौर की रहने वाली एक युवती, जो मुंबई में एनिमेटर की जॉब करती है, गोरेगांव से हंस ट्रेवल्स की बस (AR-11 D-1919) से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। रात करीब 11.30 बजे बस कसारा फूड स्टॉप पर रुकी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां बस ड्राइवर ने हंस ट्रेवल्स के ही एक अन्य ड्राइवर के कहने पर सरदार किशोर सिंह नाम के एक व्यक्ति को बस में बैठा लिया। बस चलने के कुछ देर बाद ही किशोर सिंह ने अपर बर्थ पर लेटी युवती पर आपत्तिजनक टिप्पणियां शुरू कर दीं। आरोप है कि ड्राइवर और क्लीनर ने भी उसे रोकने के बजाय उसका साथ दिया और हंसने लगे।
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यात्रियों को भी धमकाया
जब युवती घबरा गई और उसने बस में सवार अन्य यात्रियों से मदद मांगी, तो एक यात्री ने तीनों को ऐसा करने से मना किया, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमका दिया। जब उनकी हरकतें नहीं रुकीं, तो युवती ने घबराकर इंदौर में अपनी मां को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी।
मां की हिम्मत: "चिंता मत करो, मैं आ रही हूं"
बेटी का फोन आते ही मां ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने बेटी से कहा, "तुम चिंता मत करो, मैं कार से आ रही हूँ, सेंधवा टोल नाके पर बस रुकवाना।" माँ तुरंत परिवार के साथ कार से सेंधवा के लिए रवाना हो गईं और इस बीच सेंधवा पुलिस को भी सूचित कर दिया। करीब साढ़े तीन घंटे का सफर तय कर 7 नवंबर को सुबह माँ और परिवार सेंधवा नाके पहुंच गए। सुबह 7 बजे जैसे ही बस पहुँची, परिवार ने बेटी को बस से उतारा। इस दौरान आरोपी युवक, ड्राइवर और क्लीनर भी नीचे उतरे। युवती ने मां को बताया कि युवक (किशोर सिंह) ने उसके साथ अश्लील हरकतें की हैं। इस पर ड्राइवर माफी मांगने लगा, जबकि मुख्य आरोपी युवक तब भी नशे में था और परिवार से बहस करने लगा। परिवार ने शिकायत करने की बात कही और बेटी को लेकर इंदौर आ गए।
पूर्व लोकसभा स्पीकर ने इंदौर थाने में केस दर्ज करने को कहा
अगले दिन, युवती की मां ने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से संपर्क किया और उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। महाजन ने तुरंत पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से बात की। कमिश्नर ने पीड़ित युवती की घबराई हुई मनोस्थिति को देखते हुए सेंधवा की बजाय इंदौर के राजेंद्र नगर थाने में ही केस दर्ज करने के निर्देश दिए। यह मामला सामने आने के बाद पार्षद प्रशांत बडवे और भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, किशोर चौधरी सहित कई समाजजन 11 नवंबर को कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए मां की सजगता की सराहना की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अगले ही दिन इंदौर के सभी बस ऑपरेटरों की बैठक ली और बसों में पैनिक बटन लगवाने, ड्राइवर-क्लीनर का पुलिस वेरिफिकेशन कराने और सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती बरतने की कड़ी चेतावनी दी।
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क्या है पूरा मामला?
यह घटना 6 नवंबर की है। इंदौर की रहने वाली एक युवती, जो मुंबई में एनिमेटर की जॉब करती है, गोरेगांव से हंस ट्रेवल्स की बस (AR-11 D-1919) से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। रात करीब 11.30 बजे बस कसारा फूड स्टॉप पर रुकी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां बस ड्राइवर ने हंस ट्रेवल्स के ही एक अन्य ड्राइवर के कहने पर सरदार किशोर सिंह नाम के एक व्यक्ति को बस में बैठा लिया। बस चलने के कुछ देर बाद ही किशोर सिंह ने अपर बर्थ पर लेटी युवती पर आपत्तिजनक टिप्पणियां शुरू कर दीं। आरोप है कि ड्राइवर और क्लीनर ने भी उसे रोकने के बजाय उसका साथ दिया और हंसने लगे।
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यात्रियों को भी धमकाया
जब युवती घबरा गई और उसने बस में सवार अन्य यात्रियों से मदद मांगी, तो एक यात्री ने तीनों को ऐसा करने से मना किया, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमका दिया। जब उनकी हरकतें नहीं रुकीं, तो युवती ने घबराकर इंदौर में अपनी मां को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी।
मां की हिम्मत: "चिंता मत करो, मैं आ रही हूं"
बेटी का फोन आते ही मां ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने बेटी से कहा, "तुम चिंता मत करो, मैं कार से आ रही हूँ, सेंधवा टोल नाके पर बस रुकवाना।" माँ तुरंत परिवार के साथ कार से सेंधवा के लिए रवाना हो गईं और इस बीच सेंधवा पुलिस को भी सूचित कर दिया। करीब साढ़े तीन घंटे का सफर तय कर 7 नवंबर को सुबह माँ और परिवार सेंधवा नाके पहुंच गए। सुबह 7 बजे जैसे ही बस पहुँची, परिवार ने बेटी को बस से उतारा। इस दौरान आरोपी युवक, ड्राइवर और क्लीनर भी नीचे उतरे। युवती ने मां को बताया कि युवक (किशोर सिंह) ने उसके साथ अश्लील हरकतें की हैं। इस पर ड्राइवर माफी मांगने लगा, जबकि मुख्य आरोपी युवक तब भी नशे में था और परिवार से बहस करने लगा। परिवार ने शिकायत करने की बात कही और बेटी को लेकर इंदौर आ गए।
पूर्व लोकसभा स्पीकर ने इंदौर थाने में केस दर्ज करने को कहा
अगले दिन, युवती की मां ने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से संपर्क किया और उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। महाजन ने तुरंत पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से बात की। कमिश्नर ने पीड़ित युवती की घबराई हुई मनोस्थिति को देखते हुए सेंधवा की बजाय इंदौर के राजेंद्र नगर थाने में ही केस दर्ज करने के निर्देश दिए। यह मामला सामने आने के बाद पार्षद प्रशांत बडवे और भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, किशोर चौधरी सहित कई समाजजन 11 नवंबर को कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए मां की सजगता की सराहना की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अगले ही दिन इंदौर के सभी बस ऑपरेटरों की बैठक ली और बसों में पैनिक बटन लगवाने, ड्राइवर-क्लीनर का पुलिस वेरिफिकेशन कराने और सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती बरतने की कड़ी चेतावनी दी।
