Indore News: इंदौर मेें भिखारियों को भीख दी तो भरना पड़ सकता है जुर्माना, बैगर फ्री सिटी बनाने की कवायद
अफसरों का कहना है कि भीख देकर भिखारियों को प्रोत्साहित करना भी उचित नहीं है। कई बार लोग दया के भाव से भीख देते है। खासकर बच्चों को ज्यादा भीख दी जाती है। यदि उन्हें भीख नहीं मिलेगी तो वे हतोत्साहित होंगे। इसके लिए शहरवासियों को जागरुक करना होगा।
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स्वच्छता के बाद अब इंदौर को बैगर फ्री सिटी बनाने की कवायद भी हो रही है। इंदौर में सड़क पर भीख मांगने वाले भिखारियों को भिक्षुक केंद्र भेजा जाएगा। भिखारियों को भीख देने वालों को भी जुर्माना देना पड़ सकता है, हालांकि इससे पहले प्रशासन शहरवासियों को जागरुक भी करेगा।
इंदौर में भिखारियों की संख्या काफी बढ़ गई है। देवास, सोनकच्छ के कंजर डेरों के अलावा दूसरे प्रदेशों से आकर लोग इंदौर में भीख मांगते हैै। कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षावृत्ति रोको अभियान की बैैठक ली। उन्होंने कहा कि भिखारियों के अलावा भीख देने वालों पर भी कड़ी नजर रहेगी। भीख नहीं देने के लिए भी शहर में जगह-जगह बैनर पोस्टर लगाकर जागरुक किया जाएगा।
अफसरों का कहना है कि भीख देकर भिखारियों को प्रोत्साहित करना भी उचित नहीं है। कई बार लोग दया के भाव से भीख देते है। खासकर बच्चों को ज्यादा भीख दी जाती है। यदि उन्हें शहर मे भीख नहीं मिलेगी तो वे हतोत्साहित होंगे। इसके लिए शहरवासियों को जागरुक करना होगा।
सामान के बहाने भीख नहीं मांग सकते
इंदौर के कई चौराहों पर भिखारी पेन, खिलौने, पंखे व अन्य सामान खरीदने का आग्रह करते है और खुद या बच्चे के भूखे होने की बात भी बोलते है। कई महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगती है।
अफसर इस तरह भीख मांगने वालों को भी पकड़ेंगे। प्रशासन ने एक टीम बनाई है। जिनकी नजर शहर के खजराना, रणजीत हनुमान, अन्नपूर्णा सहित अन्य मंदिरों पर रहेगी। इसके अलावा सराफा, 56 दुकान, विजय नगर चौपाटी, रेडिसन चौराहा, एलआईजी, पलासिया चौराहे पर अभियान चलाकर भिखारियों को पकड़ कर भिक्षुक केंद्रों में रखा जाएगा।
