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Indore News:ग्वालियर जज के वाहन लूट केस में लगी याचिका पर सुनवाई, मेयर की याचिका को कोर्ट ने माना मानवीय

Tue, 09 Jan 2024 07:51 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 09 Jan 2024 07:51 PM IST
सार

 मेयर ने कहा कि कानून में प्रावधान है कि किसी की जान बचाने के लिए किया गया काम अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।  याचिका में यह भी मांग की गई कि प्रोटोकॉल वाहन और सरकारी वाहनों का उपयोग संकट की घड़ी में करने के निर्देश दिए जाए।

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Indore News: Hearing on the petition in the vehicle robbery case of Gwalior judge, the court considered the ma
मेयर पुष्य मित्र भार्गव - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं पर प्रकरण दर्ज होने के मामले में मेयर पुष्य मित्र भार्गव द्वारा लगाई गई याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई। ग्वालियर हाईकोर्ट में लगाई याचिका में मेयर ने अपनी तरफ से बात रखी।

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सुनवाई के दौरान जस्टिस रोहित आर्य ने इसे मानवीय कदम बताया। कोर्ट ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर कुछ सवाल भी पूछे। मेयर ने याचिका में प्रदेश के प्रमुख सचिव, एसपी ग्वालियर और थाना प्रभारी को प्रतिवादी बनाया है।
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दिसंबर माह में ट्रेन में झांसी के एक विश्वविद्यालय के कुलपति की तबीयत बिगड़ने पर दोनों छात्र नेता ग्वालियर स्टेशन पर खड़ी जज की कार छीन कर ले गए थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लूट की धाराएं लगाई थी। तब इस मामले में इंदौर के मेयर और पूर्व अतिरिक्त महाअधिवक्ता पुष्य मित्र भार्गव ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की।

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जिसमें छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने की गुहार लगाई गई थी,क्योकि धारा 81 की श्रेणी में आने से अपराध परिभाषित नहीं होता। मेयर ने कहा कि कानून में प्रावधान है कि किसी की जान बचाने के लिए किया गया काम अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।



याचिका में यह भी मांग की गई कि प्रोटोकॉल वाहन और सरकारी वाहनों का उपयोग संकट की घड़ी में करने के निर्देश दिए जाएं, अन्यथा समाज में दूसरों की मदद का भाव कम होगा। अब अगली सुनवाई पर संबंधित विभाग अपने जवाब पेश करेंगे।

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