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Indore News: इंदौर देवास रोड पर बढ़ रहा ट्रैफिक जाम, फ्लाईओवर की समय सीमा भी निकली
Tue, 24 Feb 2026 09:49 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 24 Feb 2026 09:49 PM IST
सार
Indore News: इंदौर देवास बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर को बनाने के सभी दावे लगातार फेल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री सिलावट भी अधिकारियों को चेता चुके हैं।
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मंत्री सिलावट से अधिकारियों ने जनवरी में काम पूरा करने का कहा था।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर देवास बायपास पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। ट्रैफिक जाम और हादसों की वजह से वाहन चालक लगातार परेशान हैं और दूसरी तरफ यहां बन रहे निर्माणाधीन अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर के कार्य में भी लगातार विलंब होता जा रहा है।
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तारीख पर तारीख दे रहे एनएचएआई के अधिकारी
एनएचएआई के अधिकारियों ने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से कहा था कि 15 जनवरी से फ्लाईओवर चालू हो जाएगा। सिलावट ने लोगों को हो रही परेशानियों पर दिसंबर के पहले बैठक ली थी। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एसके सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन और प्रमुख अभियंता जल संसाधन विनोद कुमार देवड़ा ने 15 जनवरी को फ्लाईओवर शुरू करने का कहा था। उस वक्त सिलावट ने अधिकारियों से कहा था कि रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। इन सबके बावजूद ट्रैफिक जाम बढ़ता ही जा रहा है और अधिकारियों के द्वारा दी गई समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है। अब अप्रैल के बाद ही यह फ्लाईओवर शुरू होने की बात कही जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने भी किया था दौरा
उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम के कारण पूर्व में तीन लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी। जनवरी में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी निर्माण स्थल का दौरा कर अधिकारियों को कार्य में गति लाने और इसे जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए थे।
निर्माण कार्य में आई तेजी और फिनिशिंग का दौर
वर्तमान स्थिति यह है कि ब्रिज का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब डामरीकरण के साथ-साथ अप्रोच रोड को अंतिम रूप देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। अधिकारियों ने संभावना जताई है कि यदि मौसम की स्थिति अनुकूल रहती है, तो होली के बाद यहां से वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू किया जा सकता है।
तीन लोगों की जान जा चुकी
अर्जुन बड़ौद ब्रिज के निर्माण का समय यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। बीते वर्ष जून और सितंबर के महीनों में यहां लगे 40 से 50 घंटों के महाजाम ने नेशनल हाईवे की व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया था। सर्विस रोड के धंसने और भारी वाहनों के कीचड़ में फंसने के चलते डकाच्या से लेकर मांगलिया तक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं। इन परिस्थितियों के दौरान हुई दुर्घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। जाम में फंसकर तीन लोगों की मृत्यु होने के बाद ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि सक्रिय हुए थे।
इन क्षेत्रों और रूट्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस फ्लाईओवर के शुरू होने से देवास-भोपाल रूट पर चलने वाले भारी वाहनों को अब अर्जुन बड़ौद चौराहे पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही एमआर-10 जंक्शन से आने वाले ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों जैसे अर्जुन बड़ौद और आसपास के गांवों के निवासियों को अब हाईवे पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी, क्योंकि स्थानीय यातायात ब्रिज के नीचे से बिना किसी बाधा के संचालित हो सकेगा।
चौबीस घंटे जारी है निर्माण कार्य
प्रोजेक्ट से जुड़े सीनियर इंजीनियर रोहित कुमार ने बताया कि जल्द ही ब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण स्थल पर वर्तमान में 24 घंटे काम चल रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द कार्य संपन्न हो। यातायात शुरू करने से पहले साइन बोर्ड, आधुनिक लाइटिंग और सुरक्षा रेलिंग का काम अनिवार्य रूप से पूरा किया जा रहा है। साथ ही सर्विस रोड को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में ट्रैफिक बाधित न हो। इस फ्लाईओवर के चालू होने से इंदौर बायपास पर यातायात की गति बढ़ेगी और यात्रियों के ईंधन व समय की बड़ी बचत होगी।
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एनएचएआई के अधिकारियों ने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से कहा था कि 15 जनवरी से फ्लाईओवर चालू हो जाएगा। सिलावट ने लोगों को हो रही परेशानियों पर दिसंबर के पहले बैठक ली थी। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एसके सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन और प्रमुख अभियंता जल संसाधन विनोद कुमार देवड़ा ने 15 जनवरी को फ्लाईओवर शुरू करने का कहा था। उस वक्त सिलावट ने अधिकारियों से कहा था कि रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। इन सबके बावजूद ट्रैफिक जाम बढ़ता ही जा रहा है और अधिकारियों के द्वारा दी गई समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है। अब अप्रैल के बाद ही यह फ्लाईओवर शुरू होने की बात कही जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम के कारण पूर्व में तीन लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी। जनवरी में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी निर्माण स्थल का दौरा कर अधिकारियों को कार्य में गति लाने और इसे जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए थे।
निर्माण कार्य में आई तेजी और फिनिशिंग का दौर
वर्तमान स्थिति यह है कि ब्रिज का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब डामरीकरण के साथ-साथ अप्रोच रोड को अंतिम रूप देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। अधिकारियों ने संभावना जताई है कि यदि मौसम की स्थिति अनुकूल रहती है, तो होली के बाद यहां से वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू किया जा सकता है।
तीन लोगों की जान जा चुकी
अर्जुन बड़ौद ब्रिज के निर्माण का समय यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। बीते वर्ष जून और सितंबर के महीनों में यहां लगे 40 से 50 घंटों के महाजाम ने नेशनल हाईवे की व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया था। सर्विस रोड के धंसने और भारी वाहनों के कीचड़ में फंसने के चलते डकाच्या से लेकर मांगलिया तक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं। इन परिस्थितियों के दौरान हुई दुर्घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। जाम में फंसकर तीन लोगों की मृत्यु होने के बाद ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि सक्रिय हुए थे।
इन क्षेत्रों और रूट्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस फ्लाईओवर के शुरू होने से देवास-भोपाल रूट पर चलने वाले भारी वाहनों को अब अर्जुन बड़ौद चौराहे पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही एमआर-10 जंक्शन से आने वाले ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों जैसे अर्जुन बड़ौद और आसपास के गांवों के निवासियों को अब हाईवे पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी, क्योंकि स्थानीय यातायात ब्रिज के नीचे से बिना किसी बाधा के संचालित हो सकेगा।
चौबीस घंटे जारी है निर्माण कार्य
प्रोजेक्ट से जुड़े सीनियर इंजीनियर रोहित कुमार ने बताया कि जल्द ही ब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण स्थल पर वर्तमान में 24 घंटे काम चल रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द कार्य संपन्न हो। यातायात शुरू करने से पहले साइन बोर्ड, आधुनिक लाइटिंग और सुरक्षा रेलिंग का काम अनिवार्य रूप से पूरा किया जा रहा है। साथ ही सर्विस रोड को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में ट्रैफिक बाधित न हो। इस फ्लाईओवर के चालू होने से इंदौर बायपास पर यातायात की गति बढ़ेगी और यात्रियों के ईंधन व समय की बड़ी बचत होगी।
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