Indore News: इंदौर में 35 साल बाद आई अफसरों को एमआर-9 मार्ग की याद, फिर हटाए बाधक निर्माण
एबी रोड से संजय गांधी नगर तक सड़क चौड़ी हो चुकी है, लेकिन 300 मीटर में घनी बस्ती है। जो हट नहीं पाई। इस कारण सड़क पूरी तरह नहीं जुड़ पाई। 300 मीटर में दो सौ से ज्यादा बाधक निर्माण है। रहवासी जमीन के बदले प्लाॅट देने की मांग कर रहे है।
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इंदौर में 35 साल बाद एमआर-9 सड़क की सुध अफसरों ने ली है। पंद्रह साल पहले इंदौर विकास प्राधिकरण ने आधी सड़क बनाई और प्रोेजेक्ट क्लोज कर दिया। अब नगर निगम एबी रोड से रिंंग रोड तक सड़क बना रहा है। इसके लिए गुरुवार को 40 से ज्यादा निर्माण तोड़े गए।
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35 साल पहले बने मास्टर प्लान में इस सड़क को शामिल किया गया था, लेकिन सड़क आज भी अधूरी है। मंगलवार को भी 140 से ज्यादा निर्माण जमींदोज हुए, हालांकि यह हिस्सा बनने के बाद भी सड़क अधूरी ही रहेगी। रिंग रोड से बायपास और एबी रोड से अनोप टाॅकिज तक सड़क बनाने की अभी को प्लानिंग की गई है। यह सड़क बायपास को उज्जैन रोड़ से जोड़ती है। 2004 के सिंहस्थ के समय इसे बनाने के प्रयास हुए थे।
रहवासियों ने किया विरोध
गुरुवार को नगर निगम का अमला बाधक हिस्से हटाने पहुंचा तो रहवासियों ने विरोध कर दिया। कुछ महिलाएं रोने लगी तो एक व्यक्ति जेसीबी के सामने खड़ा हो गया। रहवासियों का कहना था कि वर्षों से वे वहां पर बसे हुए है। कई लोगों ने पक्के मकान बना लिए। अब नगर निगम क्यों तोड़ रहा है। अफसरों ने कहा कि मास्टर प्लान में तय चौड़ाई के हिसाब से सड़क बनाई जा रही है।
बड़े पैमाने पर हटाना होंगे अतिक्रमण
यदि इस सड़क को पाटनीपुरा से बायपास तक बनाया जाता है तो बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाना होंगे।इंदौर विकास प्राधिकरण पंद्रह साल पहले चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहा से अनोप टाॅकिज चौराहा तक सड़क बना चुका है, लेकिन उसके आगे सड़क नहीं बन पाई है। अब एबी रोड से रिंग रोड के बीच सड़क बनाई जा रही है। भविष्य में यह सड़क खजराना से होते हुए बायपास तक बनेगी, लेकिन इस हिस्से में सबसे ज्यादा निर्माण बाधक है।
एबी रोड से संजय गांधी नगर तक सड़क चौड़ी हो चुकी है, लेकिन 300 मीटर में घनी बस्ती है। जो हट नहीं पाई। इस कारण सड़क पूरी तरह नहीं जुड़ पाई। 300 मीटर में दो सौ से ज्यादा बाधक निर्माण है। रहवासी जमीन के बदले प्लाॅट देने की मांग कर रहे है। निगम को इस हिस्से में अतिक्रमण हटाना आसान नहीं होगा।
