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Indore: इंदौर-खंडवा प्रोजेक्ट का काम बंद, ग्रामीणों की पिटाई से नाराज मजदूरों ने मैनेजर को किया कमरे में बंद

Sun, 29 Sep 2024 07:45 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sun, 29 Sep 2024 07:45 PM IST
सार

ग्रामीणों का कहना है बगैर सूचना के विस्फोट होता है। किसी दिन पत्थर लगने से किसी की जान भी जा सकती है। निर्माण एजेंसी मकानों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तैयार नहीं है।श्रमिकों के काम नहीं करने से प्रोजेक्ट का काम बंद है। 

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Indore: Indore-Khandwa project work stopped, villagers beat up, angry workers locked the project manager in th
निर्माण एजेंसी के कर्मचारी व श्रमिकों ने किया काम बंद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर-खंडवा हाईवे प्रोजेक्ट का काम कर रही मेघा इंजीनियरिंग एजेंसी के श्रमिकों व कर्मचारियों ने रविवार को काम बंद कर दिया और प्रोजेक्ट मैनेजर को आधे घंटे तक केबिन में कैद रखा। वे उन ग्रामीणों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने पर अड़े थे, जिन्होंने शुक्रवार को कर्मचारियों की पिटाई कर दी थी।

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दरअसल ब्लास्टिंग के कारण सिमरोल के समीप तलाई नाका बस्ती में बड़े पत्थर उड़े थे। इससे नाराज ग्रामीणों ने कंपनी के कर्मचारियों व श्रमिकों को डंडों और लात घूसों से मारपीट की थी। श्रमिकों को कहना है कि जब तक उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं मिलेगी, वे काम नहीं करेंगे। कंपनी ने भी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र दिया है। श्रमिकों ने एक प्रोजक्ट मैनेजर को भी आधे घंटे तक कैबिन में कैद कर दिया था।
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इंदौर-खंडवा राजमार्ग की सुरंग के लिए एप्रोच रोड बनाई जा रही है। यह हिस्सा खुला है। यहां विस्फोट से चट्टानों को तोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को विस्फोट के दौरान एक-डेढ़ किलो वजनी पत्थर उड़कर बस्तियों में गिरे। इसके अलावा ग्रामीण मकानों में दरार आने की शिकायत भी कर रहे हैं। पिटाई के बाद ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया,जबकि एक कर्मचारी अस्पताल में भर्ती है।
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इससे नाराज श्रमिकों ने रविवार को काम नहीं किया। श्रमिकों ने कहा कि पहले भी उन पर ग्रामीण हमला कर चुके है। भविष्य में चट्टान तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग होगी। यदि बार-बार हमले होते रहे तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। उधर ग्रामीणों का कहना है बगैर सूचना के विस्फोट होता है। किसी दिन पत्थर लगने से किसी की जान भी जा सकती है। निर्माण एजेंसी मकानों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तैयार नहीं है।

एनएचएआई अफसरों का कहना है कि श्रमिकों के काम नहीं करने से प्रोजेक्ट का काम बंद है। वरिष्ठ अधिकारियों तक मामले की जानकारी दी गई है। जल्दी ही ठोस फैसला लिया जाएगा।


तीन सुरंगों का निर्माण
भैरव घाट वाले हिस्से में तीन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए ही सबसे ज्यादा ब्लास्टिंग की जा रही है। सिमरोल गांव के आगे सुरंग के आसपास आबादी क्षेत्र है। वहां ब्लास्टिंग से लोग काफी नाराज हैं। कंपनी को अगले साल तक सड़क का निर्माण पूरा करना है।

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