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Indore: गणपति घाट प्रदेश का सबसे बड़ा ब्लैक स्पाॅट, अब तक 200 से ज्यादा मौतें,तेज ढलान हादसों की वजह
Tue, 26 Dec 2023 08:46 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Tue, 26 Dec 2023 08:46 PM IST
सार
गणपति घाट पर उन वाहनों के ब्रेक फेल होते है। जिसमें फर्शियां, पत्थर या इस तरह का सामान रखा रहता है जिसका लोड ढलान की वजह से वाहन के केबिन की तरफ आने लगता है। इस दौरान वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते है और फिर वे दूसरे वाहनों को चपेट में ले लेते है।
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प्रदेश का सबसे बड़ा ब्लैक स्पाॅट बना गणपति घाट।
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
धार जिले के धामनोद के समीप आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के गणेश या गणपति घाट पर सोमवार शाम को हुए हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और छह वाहन जल गए। इस घाट पर हादसे होना आम बात है। यह घाट प्रदेश का सबसे बड़ा ब्लैक स्पाॅट है। 10 सालों में अब तक 200 से ज्यादा लोग यहां हुए हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं।
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हो रहा बायपास का निर्माण
लगातार हादसों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 'एनएचएआई' ने हादसे रोकने के लिए नए बायपास का निर्माण शुरू किया है, लेकिन उसके पूर्ण होने से पहले फिर एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माण के समय से ही इस घाट में खामी है, जिसे अफसरों ने दूर नहीं किया। घाट के तेज ढलान के कारण वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते हैं और वे दूसरों से टकरा जाते है। घर्षण के कारण वाहनों में आग लग जाती है।
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जीरो से 70 तक हो जाती है स्पीड
पंद्रह साल पहले इंदौर से खलघाट तक फोरलेन हाईवे का निर्माण किया गया था। गणपति घाट के पहाड़ों को काट कर बीच से चार किलोमीटर के हिस्से में रास्ता तैयार किया गया, लेकिन तब ढलान पर ध्यान नहीं दिया गया। खड़े ढलान की वजह से हादसे होन लगे और हादसों में मौत का आंकड़ा 200 से ज्यादा हो गया। 2018 में सबसे ज्यादा 35 लोगों की जान इस घाट पर गई। ढलान का आलम यह है कि यदि जीरो स्पीड में वाहन चले और ब्रेक न लगाए जाएं तो ढाई किलोमीटर के बाद वाहन की स्पीड 70 तक पहुंच जाती है।
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ऐसे वाहनों के होते हैं ब्रेक फेल
आमतौर पर घाट पर उन वाहनों के ब्रेक फेल होते हैं, जिनमें फर्शियां, पत्थर या इस तरह का सामान रखा रहता है, जिसका लोड ढलान की वजह से वाहन के कैबिन की तरफ आने लगता है। इस दौरान वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते हैं और फिर वे दूसरे वाहनों को चपेट में ले लेते हैं। लगातार हादसे होने के कारण सात साल पहले एनएचएआई अफसरों ने एक रिपोर्ट तैयार की। जिसमें नए बायपास के निर्माण की जरूरत बताई गई थी।
अगले साल तैयार तक तैयार होगा बायपास
हादसे रोकने के लिए गणपति घाट के समीप नया बायपास तैयार हो रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 150 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यह बायपास ढाल-पानसमेल से नीमगढ़ तक नौ किलोमीटर लंबाई में तैयार हो रहा है। 20 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। इस बायपास की चौड़ाई 30 मीटर रखी गई है।
