फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Doctors protested in Indore, OPD of private hospitals closed

Indore: इंदौर में डाक्टरों ने किया प्रदर्शन, निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद

Sat, 17 Aug 2024 03:54 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 17 Aug 2024 03:54 PM IST
सार

जूनियर डाक्टरों ने परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी। महिला डाक्टरों के हाथ में तख्तियां भी थी। डाक्टरों का कहना था कि सरकार के कहने पर डाक्टर गांवों में जाकर इलाज करते है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कभी चिंता नहीं की गई।

विज्ञापन
Indore: Doctors protested in Indore, OPD of private hospitals closed
डाॅक्टरों ने किया प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बंगाल मेें डाक्टर के साथ हुई अमानवीयता केे खिलाफ इंदौर में भी लगातार डाक्टर आंदोलन कर रहे हैै। शुक्रवार को डाक्टरों नेे कैंडल मार्च निकाला था। शनिवार को फिर आंदोलन हुआ। जूनियर डाक्टरों ने मरीजों को नहीं देखा।

विज्ञापन


सरकारी अस्पतालों की ओपीडी आयुष डाक्टरों के भरोसे रही। निजी अस्पतालों की ओपीडी भी शनिवार को बंद रही। अस्पतालों में भती मरीजों को जरुर देखा गया। जूनियर डाक्टरों नेे पहलेे ही काम नहीं करने की घोषणा की थी।

विज्ञापन

 

इसका असर यह रहा है कि रोज की तुलना मेें एमवाय अस्पताल में शनिवार को कम मरीज पहुंचे। एमवाय अस्पताल मेें प्रतिदिन चार हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचते है। अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की थी, लेकिन इलाज के लिए आने वाले मरीज परेशान देखे गए।

विज्ञापन
विज्ञापन


दोपहर में आईएमए और मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारी एमवाय अस्पताल पहुंचे और जूनियर डाक्टरों के प्रदर्शन का समर्थन किया। निजी अस्पतालों में भी डाक्टरों ने ओपीडी में मरीज नहीं देखे। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को देखनेे के लिए जरुर डाक्टरों ने वीजिट की।

 

जूनियर डाक्टरों ने परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी। महिला डाक्टरों के हाथ में तख्तियां भी थी। डाक्टरों का कहना था कि सरकार के कहने पर डाक्टर गांवों में जाकर इलाज करते है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कभी चिंता नहीं की गई।




डाॅक्टर प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू नहीं है। एमवाय अस्पताल में भी कई बार मरीज के साथ आए परिजन डाक्टरों के साथ मारपीट पर उतारु हो जाते है। बचाव में यदि डाक्टर कुछ करते है तो उन पर भी एक्शन लिया जाता है।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed