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Indore: सोया इंडस्ट्री के मुद्दों-नई तकनीकों पर विमर्श, मंत्री सिलावट ने जताई उत्पादन में अव्वल आने की उम्मीद
Wed, 16 Oct 2024 01:26 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 16 Oct 2024 01:26 PM IST
सार
भारत में सोया इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 13 और 14 अक्टूबर को सोया कॉन्क्लेव के सातवें संस्करण का आयोजन हुआ। इसमें मंत्री तुलसी सिलावट भी शामिल हुए, उन्होंने उत्पादन में नंबर वन होने की उम्मीद भी जताई।
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मंत्री सिलावट ने दीप प्रज्जवल किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंदौर में दो दिवसीय इंटरनेशनल सोया कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन हुआ। इसमें सोया इंडस्ट्री के महत्वपूर्ण मुद्दों और नई तकनीकों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही खाद्य तेल की गुणवत्ता पर भी मंथन किया गया। प्रदेश मंत्री तुलसी सिलावट भी इसमें शामिल हुए।
मंत्री सिलावट ने कहा कि हमारे देश की आत्मा गांव में बसती है। हमारा इंदौर स्वच्छता में सात बार नंबर 1 रहा है और मुझे कहते हुए हर्ष हो रहा है कि सोया कॉन्क्लेव का भी यह सातवां संस्करण है। सोया के उत्पादन के मामले में विश्व पटल पर भारत का स्थान दूसरा है। बेशक, गुणवत्ता के मामले में आज भी हम ही आगे हैं, लेकिन फिर भी मैं उम्मीद करता हूं कि जब हम अगले साल आठवें संस्करण का आयोजन कर रहे होंगे, उस समय चीन को पीछे छोड़कर उत्पादन में भी पहले स्थान पर आ जाएंगे। इंदौर वह धरती है, यह जो भी कुछ करती है अद्भुत करती है, उम्मीद करता हूं कि यह सपना भी यह धरती जल्द ही साकार करेगी।
बता दें कि भारत में सोया इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 13 और 14 अक्टूबर को सोया कॉन्क्लेव के सातवें संस्करण का आयोजन हुआ। पहले दिन के सत्रों में फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर पैनल चर्चा, 'एडिबल ऑइल रिफाइनिंग- सस्टेनेबिलिटी तथा 'सोयाबीन रिफाइनिंग 2.0: टोकोफेरोल, फाइटोस्टेरोल और सोया बाई-प्रोडक्ट्स से कंसन्ट्रेटेड फैटी एसिड्स' पर टेक्नोलॉजी सेशन हुआ। स्थायी सोया के लिए भारतीय मानकों की भूमिका पर चर्चा, डीडीजीएस और सोयाबीन इंडस्ट्री पर इसके प्रभाव पर पैनल चर्चा और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, माननीय नितिन गडकरी द्वारा भारत में सोया इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर महत्वपूर्ण संबोधन शामिल रहा।
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दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रो. विजय पॉल शर्मा, चेयरमैन, सीएसपी, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सोपा चेयरमैन डॉ. देविश जैन, सेक्रेटरी गिरीश मतलानी और डिप्टी चेयरमैन नरेश गोयनका ने द्वारा दीप प्रज्वलन किया। विवेक पाठक ने सोयाबीन ऑइल पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में बाजार की अस्थिरता में भू-राजनीतिक तनाव, मौसम की परिस्थितियां और मांग के उतार-चढ़ाव के पैटर्न मुख्य कारक हैं। पाम ऑइल, सोयाबीन ऑइल और सनफ्लॉवर ऑइल पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिसमें से पाम ऑइल की लागत उच्चतम है। केएन रहमान ने सोयाबीन पर फंडामेंटल आउटलुक के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए। उन्होंने बताया कि वैश्विक खपत में 62% हिस्सेदारी के साथ सोयाबीन अग्रणी है। वैश्विक तेल उत्पादन में सोया ऑइल की हिस्सेदारी पाम ऑइल के बाद 28% है। अगले वर्ष विश्व भोजन उत्पादन में 1 एमएमटी की वृद्धि होने की उम्मीद है।
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मंत्री सिलावट ने कहा कि हमारे देश की आत्मा गांव में बसती है। हमारा इंदौर स्वच्छता में सात बार नंबर 1 रहा है और मुझे कहते हुए हर्ष हो रहा है कि सोया कॉन्क्लेव का भी यह सातवां संस्करण है। सोया के उत्पादन के मामले में विश्व पटल पर भारत का स्थान दूसरा है। बेशक, गुणवत्ता के मामले में आज भी हम ही आगे हैं, लेकिन फिर भी मैं उम्मीद करता हूं कि जब हम अगले साल आठवें संस्करण का आयोजन कर रहे होंगे, उस समय चीन को पीछे छोड़कर उत्पादन में भी पहले स्थान पर आ जाएंगे। इंदौर वह धरती है, यह जो भी कुछ करती है अद्भुत करती है, उम्मीद करता हूं कि यह सपना भी यह धरती जल्द ही साकार करेगी।
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बता दें कि भारत में सोया इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 13 और 14 अक्टूबर को सोया कॉन्क्लेव के सातवें संस्करण का आयोजन हुआ। पहले दिन के सत्रों में फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर पैनल चर्चा, 'एडिबल ऑइल रिफाइनिंग- सस्टेनेबिलिटी तथा 'सोयाबीन रिफाइनिंग 2.0: टोकोफेरोल, फाइटोस्टेरोल और सोया बाई-प्रोडक्ट्स से कंसन्ट्रेटेड फैटी एसिड्स' पर टेक्नोलॉजी सेशन हुआ। स्थायी सोया के लिए भारतीय मानकों की भूमिका पर चर्चा, डीडीजीएस और सोयाबीन इंडस्ट्री पर इसके प्रभाव पर पैनल चर्चा और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, माननीय नितिन गडकरी द्वारा भारत में सोया इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर महत्वपूर्ण संबोधन शामिल रहा।
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दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रो. विजय पॉल शर्मा, चेयरमैन, सीएसपी, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सोपा चेयरमैन डॉ. देविश जैन, सेक्रेटरी गिरीश मतलानी और डिप्टी चेयरमैन नरेश गोयनका ने द्वारा दीप प्रज्वलन किया। विवेक पाठक ने सोयाबीन ऑइल पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में बाजार की अस्थिरता में भू-राजनीतिक तनाव, मौसम की परिस्थितियां और मांग के उतार-चढ़ाव के पैटर्न मुख्य कारक हैं। पाम ऑइल, सोयाबीन ऑइल और सनफ्लॉवर ऑइल पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिसमें से पाम ऑइल की लागत उच्चतम है। केएन रहमान ने सोयाबीन पर फंडामेंटल आउटलुक के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए। उन्होंने बताया कि वैश्विक खपत में 62% हिस्सेदारी के साथ सोयाबीन अग्रणी है। वैश्विक तेल उत्पादन में सोया ऑइल की हिस्सेदारी पाम ऑइल के बाद 28% है। अगले वर्ष विश्व भोजन उत्पादन में 1 एमएमटी की वृद्धि होने की उम्मीद है।
