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इंदौर: अधिकारियों के डीपफेक वीडियो बनाने पर सोशल मीडिया के एडमिन पर एफआईआर
Wed, 04 Nov 2026 05:04 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 04 Nov 2026 05:04 PM IST
सार
इंदौर में एआई तकनीक का दुरुपयोग कर सरकारी अधिकारियों के डीपफेक और भ्रामक वीडियो बनाने पर कृषि क्रांति नामक सोशल मीडिया पेज के एडमिन के खिलाफ पंढरीनाथ थाने में आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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डीपफेक बन रहा बड़ी चुनौती (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का दुरुपयोग कर सरकारी अधिकारियों के डीपफेक चेहरे, सरकारी कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े भ्रामक वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने कृषि विभाग के उप संचालक की शिकायत पर 'कृषि क्रांति' नामक सोशल मीडिया पेज के एडमिन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है।
डीपफेक वीडियो और भ्रामक सामग्री
उप संचालक कृषि किसान कल्याण तथा कृषि विकास के अधिकारी संदीप यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'कृषि क्रांति' नाम से एक सोशल मीडिया पेज संचालित होता है। इस पेज के एडमिन ने एआई टूल की मदद से शासकीय कर्मचारियों, सरकारी दफ्तरों, उनकी कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय प्रतीकों से संबंधित भ्रामक, आपत्तिजनक और मानहानिकारक वीडियो तैयार किए। आरोपी ने इन वीडियो में अधिकारियों से मिलते-जुलते चेहरे भी डीपफेक तकनीक से बनाए और उन्हें सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित कर दिया। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन फर्जी वीडियो का विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। जनता को भ्रमित करने और सरकारी कामकाज पर सवाल खड़े करने की नीयत से ये वीडियो बनाए गए हैं, जिससे शासकीय संस्थाओं की साख पर गंभीर असर पड़ता है।
तकनीकी जांच और कानूनी धाराएं
शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वीडियो के यूआरएल नंबर, डिजिटल रिकॉर्ड, आईपी लॉग्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की मांग की है। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(1) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट 2000) की धारा 66सी व 66डी के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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डीपफेक वीडियो और भ्रामक सामग्री
उप संचालक कृषि किसान कल्याण तथा कृषि विकास के अधिकारी संदीप यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'कृषि क्रांति' नाम से एक सोशल मीडिया पेज संचालित होता है। इस पेज के एडमिन ने एआई टूल की मदद से शासकीय कर्मचारियों, सरकारी दफ्तरों, उनकी कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय प्रतीकों से संबंधित भ्रामक, आपत्तिजनक और मानहानिकारक वीडियो तैयार किए। आरोपी ने इन वीडियो में अधिकारियों से मिलते-जुलते चेहरे भी डीपफेक तकनीक से बनाए और उन्हें सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित कर दिया। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन फर्जी वीडियो का विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। जनता को भ्रमित करने और सरकारी कामकाज पर सवाल खड़े करने की नीयत से ये वीडियो बनाए गए हैं, जिससे शासकीय संस्थाओं की साख पर गंभीर असर पड़ता है।
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तकनीकी जांच और कानूनी धाराएं
शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वीडियो के यूआरएल नंबर, डिजिटल रिकॉर्ड, आईपी लॉग्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की मांग की है। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(1) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट 2000) की धारा 66सी व 66डी के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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