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Indore News: बेसमेंट में बनी दुकानों की सूची बना रहे भवन अधिकारी, सैकड़ों दुकानें टूटेंगी, छिनेगी रोजी रोटी
Sun, 29 Sep 2024 07:37 PM IST
अर्जुन रिछारिया
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Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 29 Sep 2024 07:37 PM IST
सार
पार्किंग में हुए अतिक्रमण को लेकर निगम और प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की तैयारी, दुकानदार बोल रहे जब हमें दुकानें बनाकर बेची गई तब कहां थे अधिकारी।
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इंदौर में बेसमेंट में बनी दुकानें।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
नक्शा तो तलघर में पार्किंग के लिए पास कराया लेकिन लोगों को दुकानें बनाकर बेच दी। वर्षों से अपना कारोबार चलाने वाले लोगों पर अब निगम और प्रशासन का कहर टूट रहा है। काफी दिनों से चल रही कार्रवाई अब और गति पकड़ेगी। बेसमेंट की दुकानों को सील करने के लिए निगम और प्रशासन ने विशेष निर्देश देते हुए हर झोन के भवन अधिकारी और भवन निरीक्षकों को टारगेट दिए हैं। इन टारगेट को पूरा करने के लिए निगम का बड़ा अमला जहां मैदान में उतरेगा, वहीं एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारियों की फौज भी उनका साथ देगी, वहीं कार्रवाई के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहेगा।
2021 के प्रावधानों का हवाला दे रहा निगम
निगम द्वारा इंदौर विकास योजना 2021 के प्रावधानों का हवाला देते हुए पार्किंग क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को बिना सूचना के हटाए जाने का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की जा रही है। निगम और प्रशासन का कहना है कि मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 11 अधिभोग के अतिक्रमण से संबंधित प्रावधान के अंतर्गत भवन स्वामियों को पार्किंग में अतिक्रमण कर किए जा रहे स्वीकृति अनुसार बेसमेंट में पार्किंग के लिए निर्देशित किया जाएगा।
सूची बना रहे अधिकारी
निगम के निर्देश के बाद हर झोन के भवन अधिकारी ने अपनी सूची बनाना शुरू कर दी है। झोन क्र. 3 की जानकारी के अनुसार 242 तिलकपथ के बेसमेंट में कलावती पति चंदूलाल कुरील का कारखाना चल रहा है, वहीं 130/1, नयापुरा में लतीफ पिता मोहम्मद शरीफ के कूलर का कारखाना चल रहा है। इसी तरह 141/2, इमली बाजार के बेसमेंट में सुरेंद्र पिता विमलचंद जैन और नवीन जैन का कारखाना चल रहा है। 31, जती कालोनी में सुंदरलाल जदरू पार्किंग का उपयोग व्यवसाय के लिए कर रहे हैं। इसी तरह झोन क्र. । में नवीन रघुवंशी, रघुवंशी कालोनी में कोचिंग संचालित कर रहे हैं। झोन क्र. 2 के 20 बड़ा सराफा और 16 बड़ा सराफा में पार्किंग में व्यवसाय किया जा रहा है, वहीं धार रोड अपना पैलेस के डबल पार्किंग में सामान पड़ा है। इसी क्षेत्र के होटल मालवा कंट्री की भी जांच की जाएगी। झोन क्र. 17 में मार्डन चौराहा सांवेर रोड पर गौरव रेस्टोरेंट, मंगल नगर में एप्पल ग्रांट होटल एवं भगवानसिंह भदौरिया के बेसमेंट में फर्नीचर का कारखाना है। शिवनगर में शरद गुप्ता ने इलेक्ट्रिक गोडाउन बना रखा है तो मंगलनगर मेनरोड पर प्रकाश यादव और विक्रम चौकसे की दुकानें हैं। इसी तरह झोन 15 में 245, उषा नगर मेनरोड पर बेसमेंट में अतिक्रमण है। झोन क्र. 4 की गोविंद कालोनी में आइडियल इंटरनेशनल स्कूल द्वारा डांस क्लासेस, कैंटीन, आफिस चलाया जा रहा है। इसी तरह सभी झोन के भवन अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की सूची के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बिल्डरों ने बेसमेंट की दुकानें बेच दी, दुकानदार परेशान
जिस वक्त बेसमेंट में दुकानें बनाई जा रही थी, तब निगम सोता रहा। अब जब इन भवनों के बने हुए वषों बीत गए, तब जाकर निगम और प्रशासन द्वारा बेसमेंट में दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शहर में बढ़ते यातायात और सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग के चलते यह कार्रवाई उचित कही जा सकती है, लेकिन जिन दुकानदारों ने अपनी वर्षों की कमाई से न केवल इन दुकानों को खरीदा, बल्कि अब वहां चल रहा व्यवसाय ही उनका सहारा बजा हुआ है, तब जाकर निगम द्वारा कार्रवाई किए जाने से लोगों में बेहद आक्रोश और निराशा है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को अब इन दुकानों को बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाना चाहिए।
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2021 के प्रावधानों का हवाला दे रहा निगम
निगम द्वारा इंदौर विकास योजना 2021 के प्रावधानों का हवाला देते हुए पार्किंग क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को बिना सूचना के हटाए जाने का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की जा रही है। निगम और प्रशासन का कहना है कि मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 11 अधिभोग के अतिक्रमण से संबंधित प्रावधान के अंतर्गत भवन स्वामियों को पार्किंग में अतिक्रमण कर किए जा रहे स्वीकृति अनुसार बेसमेंट में पार्किंग के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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सूची बना रहे अधिकारी
निगम के निर्देश के बाद हर झोन के भवन अधिकारी ने अपनी सूची बनाना शुरू कर दी है। झोन क्र. 3 की जानकारी के अनुसार 242 तिलकपथ के बेसमेंट में कलावती पति चंदूलाल कुरील का कारखाना चल रहा है, वहीं 130/1, नयापुरा में लतीफ पिता मोहम्मद शरीफ के कूलर का कारखाना चल रहा है। इसी तरह 141/2, इमली बाजार के बेसमेंट में सुरेंद्र पिता विमलचंद जैन और नवीन जैन का कारखाना चल रहा है। 31, जती कालोनी में सुंदरलाल जदरू पार्किंग का उपयोग व्यवसाय के लिए कर रहे हैं। इसी तरह झोन क्र. । में नवीन रघुवंशी, रघुवंशी कालोनी में कोचिंग संचालित कर रहे हैं। झोन क्र. 2 के 20 बड़ा सराफा और 16 बड़ा सराफा में पार्किंग में व्यवसाय किया जा रहा है, वहीं धार रोड अपना पैलेस के डबल पार्किंग में सामान पड़ा है। इसी क्षेत्र के होटल मालवा कंट्री की भी जांच की जाएगी। झोन क्र. 17 में मार्डन चौराहा सांवेर रोड पर गौरव रेस्टोरेंट, मंगल नगर में एप्पल ग्रांट होटल एवं भगवानसिंह भदौरिया के बेसमेंट में फर्नीचर का कारखाना है। शिवनगर में शरद गुप्ता ने इलेक्ट्रिक गोडाउन बना रखा है तो मंगलनगर मेनरोड पर प्रकाश यादव और विक्रम चौकसे की दुकानें हैं। इसी तरह झोन 15 में 245, उषा नगर मेनरोड पर बेसमेंट में अतिक्रमण है। झोन क्र. 4 की गोविंद कालोनी में आइडियल इंटरनेशनल स्कूल द्वारा डांस क्लासेस, कैंटीन, आफिस चलाया जा रहा है। इसी तरह सभी झोन के भवन अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की सूची के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बिल्डरों ने बेसमेंट की दुकानें बेच दी, दुकानदार परेशान
जिस वक्त बेसमेंट में दुकानें बनाई जा रही थी, तब निगम सोता रहा। अब जब इन भवनों के बने हुए वषों बीत गए, तब जाकर निगम और प्रशासन द्वारा बेसमेंट में दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शहर में बढ़ते यातायात और सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग के चलते यह कार्रवाई उचित कही जा सकती है, लेकिन जिन दुकानदारों ने अपनी वर्षों की कमाई से न केवल इन दुकानों को खरीदा, बल्कि अब वहां चल रहा व्यवसाय ही उनका सहारा बजा हुआ है, तब जाकर निगम द्वारा कार्रवाई किए जाने से लोगों में बेहद आक्रोश और निराशा है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को अब इन दुकानों को बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाना चाहिए।
