फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Election: In the first general election, three Lok Sabha members were elected from North Bengal seat

Election: पहले आमचुनाव में उत्तर बंगाल सीट से चुने गए थे तीन लोकसभा सदस्य, 1951 में एक सीट से होते थे दो सांसद

Sat, 10 Feb 2024 10:53 AM IST
दिनेश शर्मा कमलेश सेन, इंदौर
कमलेश सेन, इंदौर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 10 Feb 2024 10:53 AM IST
सार

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहले चुनाव में हर लोकसभा सीट से दो सांसद चुने जाते थे, एक अजा—जजा वर्ग का और दूसरा सामान्य। इसमें भी उत्तर बंगाल एकमात्र सीट थी, जहां से देा नहीं तीन लोकसभा सदस्य चुने गए थे। 

विज्ञापन
Election: In the first general election, three Lok Sabha members were elected from North Bengal seat
First General Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगले चंद माह में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में अमर उजाला आपको 1951 में हुए देश के पहले आम चुनाव की कुछ खासियतों से अवगत करा रहा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहले चुनाव में हर लोकसभा सीट से दो सांसद चुने जाते थे, एक अजा—जजा वर्ग का और दूसरा सामान्य। इसमें भी उत्तर बंगाल एकमात्र सीट थी, जहां से देा नहीं तीन लोकसभा सदस्य चुने गए थे। तीन सदस्य चुनने की वजह वहां अजा—जजा वर्ग के वोटरों की संख्या ज्यादा होना है। इस कारण उत्तर बंगाल सीट से दो सुरक्षित वर्ग के प्रत्याशी व एक सामान्य प्रत्याशी निर्वाचित हुए थे। 

विज्ञापन


देश के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन ने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अपना दायित्व बखूबी निभाया था।  जब पहली बार आम चुनाव संपन्न हुए तो कई खामियां थीं, जो बाद में हुए चुनावों में दूर की गईं। 
विज्ञापन


हर दल के लिए अलग-अलग पेटियां थीं
1951 में हुए देश में पहले चुनाव में प्रत्येक दल की अलग-अलग मत पेटियां उनके चुनाव चिन्ह अंकित करवा कर रखी गई थी, ताकि मतदाता चुनाव चिंह देख कर अपना वोट पेटियों में डाल सकें। इसका प्रमुख कारण था देश में साक्षरता की दर काफी कम होना और मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया का पूर्ण रूप से अनुभव नहीं होना।   
विज्ञापन
विज्ञापन


86 सीटों पर दो प्रत्याशी जीते थे
देश में कई सीटों पर आरक्षण की भी व्यवस्था थी, आरक्षित सीटों पर एक आरक्षित और एक सामान्य उम्मीदवार, इस तरह दो उम्मीदवार का चयन किया जाता था। 1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में देश में 86 सीटें ऐसी थीं जिन पर दो उम्मीदवार विजयी घोषित किए गए थे, एक सामान्य और एक आरक्षित। देश में एकमात्र सीट पश्चिम बंगाल की उत्तर बंगाल सीट थी, जिस पर तीन उम्मीदवार विजयी रहे थे। यह देश की एकमात्र त्रि-सदस्यीय सीट थी। 1957 में हुए दूसरे आम चुनाव में आरक्षित सदस्यों व सामान्य सदस्यों वाली यानी दो सदस्यों वाली सीटों की संख्या बढ़कर 91 हो गई थी। इस चुनाव में त्रि-सदस्यीय सीट का प्रावधान नहीं था।


 

एक सीट से जीते तीनों कांग्रेसी थे
उत्तर बंगाल की इस तीन सदस्यीय सीट से तीनों कांग्रेस के उम्मीदवार विजय रहे थे, उपेंद्रनाथ बर्मन सामान्य सीट से जबकि अमियकांता बसु और बीरेंद्रनाथ कामथ आरक्षित सीट से विजय रहे थे। बंगाल में 1951-52 में लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 34 थी। इसमें एक सदस्यीय 19, दो सदस्यीय छह और तीन सदस्यीय एक सीट थी। इस तरह तीन सदस्यीय सीट होने का देश में यह पहला और अंतिम प्रसंग है। यह चुनाव आयोग की 1951-52 की रिपोर्ट में दर्ज है। दो सदस्यीय सीटों की व्यवस्था 1957 के बाद के चुनाव से खत्म हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed