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इतना बड़ा अजगर: गांव वाले देखते ही भागे, इंदौर से भेजी टीम, पकड़ने में छूटे पसीने
Sun, 27 Oct 2024 05:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 27 Oct 2024 05:25 PM IST
सार
Indore News: नीलगाय का बच्चा निगलने में अजगर भी गंभीर हालत में आ गया, वन विभाग ने उसे बड़ी मशक्कत के बाद जंगल में छोड़ा। गांव वालों में डर का माहौल अभी भी बना हुआ है।
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गांव वालों ने वन विभाग के आने के बाद अजगर को पकड़ा।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की खनियाधाना तहसील के सिलपुरा गांव में एक असामान्य और खौफनाक घटना सामने आई जब एक विशालकाय इंडियन रॉक पाइथन ने एक नीलगाय के बच्चे को निगल लिया। इस अप्रत्याशित घटना से गांव के लोग भयभीत हो गए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस घटना की जानकारी सबसे पहले सिलपुरा गांव के निवासी नीलम सिंह यादव को उनके भांजे ने दी। जब नीलम सिंह अपने खेत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि लगभग आठ से दस फीट लंबा अजगर नीलगाय के बच्चे को निगले हुए था। अजगर के खेत में दिखाई देने की खबर आग की तरह फैल गई, और देखते ही देखते ग्रामीण भी वहां जमा हो गए।
अजगर लंबे समय तक इसी तरह पकड़ा गया।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
गांववालों ने वन विभाग को दी जानकारी
अजगर की इस घटना की जानकारी नीलम सिंह यादव और ग्रामीणों ने वन विभाग को दी और साथ ही इंदौर के वॉयस कॉल फॉर फाउंडेशन के डायरेक्टर राजेश सिंदूरी से भी संपर्क किया। ग्रामीणों ने इंटरनेट के माध्यम से राजेश सिंदूरी से बातचीत की, जो रेस्क्यू के मामलों में माहिर माने जाते हैं। उन्होंने तत्काल मदद का आश्वासन दिया और अपनी टीम के साथ खनियाधाना के सिलपुरा गांव के लिए रवाना हो गए। उन्होंने गुना में स्थित अपनी टीम के सदस्यों को भी सूचित किया, ताकि मदद का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
अजगर की इस घटना की जानकारी नीलम सिंह यादव और ग्रामीणों ने वन विभाग को दी और साथ ही इंदौर के वॉयस कॉल फॉर फाउंडेशन के डायरेक्टर राजेश सिंदूरी से भी संपर्क किया। ग्रामीणों ने इंटरनेट के माध्यम से राजेश सिंदूरी से बातचीत की, जो रेस्क्यू के मामलों में माहिर माने जाते हैं। उन्होंने तत्काल मदद का आश्वासन दिया और अपनी टीम के साथ खनियाधाना के सिलपुरा गांव के लिए रवाना हो गए। उन्होंने गुना में स्थित अपनी टीम के सदस्यों को भी सूचित किया, ताकि मदद का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
गांव वालों ने वन विभाग की मदद से अजगर को पकड़ा।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
नीलगाय के बच्चे को निगले हुआ था अजगर
रेस्क्यू टीम के खनियाधाना के सिलपुरा गांव में पहुंचने के बाद, उन्होंने देखा कि विशाल अजगर पूरी तरह से नीलगाय के बच्चे को निगले हुए था। इससे अजगर की हालत भी खतरे में थी, क्योंकि इतने बड़े शिकार को निगलने के बाद उसके शरीर पर भारी दबाव था। राजेश सिंदूरी और उनकी टीम ने मिलकर अजगर को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई। उनका लक्ष्य अजगर को बिना किसी हानि के जंगल में छोड़ना था, ताकि वह वापस अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रह सके। इस रेस्क्यू में बड़ी सावधानी बरती गई, क्योंकि अजगर को किसी भी प्रकार की चोट से बचाना आवश्यक था।
अजगर की जान जा सकती थी
कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया। इस प्रक्रिया में इंदौर की टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। राजेश सिंदूरी ने बताया कि अजगर ने नीलगाय या हिरण के बच्चे को निगल रखा था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में अजगर की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए उन्होंने कोशिश की कि अजगर के पेट से निगले हुए शिकार को बाहर निकालने का प्रयास किया जाए, ताकि अजगर को कोई आंतरिक चोट न हो और उसकी जान बचाई जा सके।
जंगल में अजगर को छोड़ा
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद, वन विभाग ने अजगर को जंगल में छोड़ दिया। इस सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और राजेश सिंदूरी की टीम के प्रयासों की सराहना की। इस घटना ने वन्यजीवों और मानव के बीच बढ़ती नजदीकियों और संघर्ष की समस्या को भी उजागर किया है। ग्रामीणों ने वन विभाग और रेस्क्यू टीम के प्रयासों की प्रशंसा की और अजगर के जंगल में लौटने पर संतोष जताया। यह घटना न केवल ग्रामीणों के लिए एक अद्वितीय अनुभव था, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक उदाहरण बनी।
रेस्क्यू टीम के खनियाधाना के सिलपुरा गांव में पहुंचने के बाद, उन्होंने देखा कि विशाल अजगर पूरी तरह से नीलगाय के बच्चे को निगले हुए था। इससे अजगर की हालत भी खतरे में थी, क्योंकि इतने बड़े शिकार को निगलने के बाद उसके शरीर पर भारी दबाव था। राजेश सिंदूरी और उनकी टीम ने मिलकर अजगर को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई। उनका लक्ष्य अजगर को बिना किसी हानि के जंगल में छोड़ना था, ताकि वह वापस अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रह सके। इस रेस्क्यू में बड़ी सावधानी बरती गई, क्योंकि अजगर को किसी भी प्रकार की चोट से बचाना आवश्यक था।
अजगर की जान जा सकती थी
कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया। इस प्रक्रिया में इंदौर की टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। राजेश सिंदूरी ने बताया कि अजगर ने नीलगाय या हिरण के बच्चे को निगल रखा था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में अजगर की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए उन्होंने कोशिश की कि अजगर के पेट से निगले हुए शिकार को बाहर निकालने का प्रयास किया जाए, ताकि अजगर को कोई आंतरिक चोट न हो और उसकी जान बचाई जा सके।
जंगल में अजगर को छोड़ा
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद, वन विभाग ने अजगर को जंगल में छोड़ दिया। इस सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और राजेश सिंदूरी की टीम के प्रयासों की सराहना की। इस घटना ने वन्यजीवों और मानव के बीच बढ़ती नजदीकियों और संघर्ष की समस्या को भी उजागर किया है। ग्रामीणों ने वन विभाग और रेस्क्यू टीम के प्रयासों की प्रशंसा की और अजगर के जंगल में लौटने पर संतोष जताया। यह घटना न केवल ग्रामीणों के लिए एक अद्वितीय अनुभव था, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक उदाहरण बनी।
