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Kedarnath Uttarakhand: उत्तराखंड में फंसे इंदौर-महू के 30 यात्री, पहाड़ गिर रहे, दस हजार लोगों की जान पर बनी
Thu, 29 Jun 2023 09:09 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 29 Jun 2023 09:09 PM IST
सार
अमर उजाला से बातचीत में यात्रियों ने बताया एक एक पल घबराहट में बीत रहा, बाहर जंगली जानवर-घना जंगल, पीने का पानी तक खत्म
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बंद रास्ता खुलने का इंतजार करते लोग
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर और महू से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर गए 30 यात्री चमोली जिले में फंस गए हैं। अमर उजाला से बातचीत में महू के हर्षद कजरे ने बताया कि सुबह आठ बजे से 10 हजार लोग फंसे हुए हैं। सभी केदारनाथ के दर्शन के बाद बद्रीनाथ की ओर बढ़ रहे थे। रास्ते में पहाड़ गिरने की वजह से रुकना पड़ा। शुरुआत में लग रहा था कि रास्ता खुल जाएगा लेकिन पहाड़ों से लगातार पत्थर गिरते गए। रात में बातचीत के दौरान हर्षद ने कहा कि अब डर लगने लगा है। हम लोग जंगल में हैं और पीने का पानी तक नहीं है। आसपास के होटल में रहने के लिए जगह नहीं है। सुरक्षा के नाम पर कोई भी नहीं है। दो जेसीबी लगी हैं लेकिन बहुत समय लगेगा।
जंगल में रातभर सड़क पर रहेंगे
हर्षद ने बताया कि वे लोग रातभर जंगल में बीच सड़क पर ही रहेंगे। प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द रास्ता खुल जाए। खाने पीने का सामान भी खत्म हो रहा है और रात होने की वजह से सभी लोगों को डर भी लग रहा है। भक्तों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी हैं।
पानी गिरने से परेशानी अधिक
रात में पानी गिरना शुरू हो गया जिससे और भी आफत बढ़ गई। लोग छुपने के लिए आसरा तलाश रहे हैं। पीछे भी नहीं जा पा रहे हैं। यात्रियों के मुताबिक यहां पर कर्मचारी धीरे-धीरे पहाड़ को रोड से हटा रहे हैं लेकिन मौसम अधिक खराब हो रहा है।
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ढाई सौ रुपए में एक पराठा
आसपास जो लोग खाना बना रहे हैं वे ढाई सौ रुपए में एक पराठा दे रहे हैं और जो होटल हैं वे दो हजार रुपए में कुछ घंटों के लिए एक कमरा दे रहे हैं।
होटल वालों के साथ हुई झूमाझटकी
रात होते ही लोगों की परेशानी बढ़ गई और उन्होंने आसपास के होटल वालों से जगह देने के लिए निवेदन किया। इस बीच विवाद के हालात बने और सुरक्षाकर्मियों को बीच बचाव करना पड़ा।
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जंगल में रातभर सड़क पर रहेंगे
हर्षद ने बताया कि वे लोग रातभर जंगल में बीच सड़क पर ही रहेंगे। प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द रास्ता खुल जाए। खाने पीने का सामान भी खत्म हो रहा है और रात होने की वजह से सभी लोगों को डर भी लग रहा है। भक्तों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी हैं।
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पानी गिरने से परेशानी अधिक
रात में पानी गिरना शुरू हो गया जिससे और भी आफत बढ़ गई। लोग छुपने के लिए आसरा तलाश रहे हैं। पीछे भी नहीं जा पा रहे हैं। यात्रियों के मुताबिक यहां पर कर्मचारी धीरे-धीरे पहाड़ को रोड से हटा रहे हैं लेकिन मौसम अधिक खराब हो रहा है।
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ढाई सौ रुपए में एक पराठा
आसपास जो लोग खाना बना रहे हैं वे ढाई सौ रुपए में एक पराठा दे रहे हैं और जो होटल हैं वे दो हजार रुपए में कुछ घंटों के लिए एक कमरा दे रहे हैं।
होटल वालों के साथ हुई झूमाझटकी
रात होते ही लोगों की परेशानी बढ़ गई और उन्होंने आसपास के होटल वालों से जगह देने के लिए निवेदन किया। इस बीच विवाद के हालात बने और सुरक्षाकर्मियों को बीच बचाव करना पड़ा।
