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इंदौर: प्लॉट के रुपए लिए लेकिन नहीं की रजिस्ट्री, कलेक्टर से की शिकायत तो जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
Wed, 17 Nov 2021 04:21 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 17 Nov 2021 04:21 PM IST
सार
इंदौर में मित्तल उद्योग के अर्पित अग्रवाल ने प्लॉट के रुपए ले लिए लेकिन रजिस्ट्री में आना-कानी की। कलेक्टर से शिकायत हुई तो उन्होंने गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए।
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मनीष सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : manish singh
विस्तार
लगातार हो रही कार्रवाइयों के बावजूद भूमाफिया लोगों को परेशान करने से नहीं चूक रहे। अपनी गाढ़ी कमाई से खुद का आशियाना खरीदने का सपना देखने वाले लोगों को ठगा जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्ती दिखाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में पीड़ित आशीष अग्रवाल ने कलेक्टर से शिकायत की थी। अपनी पत्नी के साथ आशीष कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था और शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि मित्तल उद्योग के अर्पित मित्तल ने उसे धोखा दिया। रुपए लेने के बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कर रहा है। पीड़ित ने बताया कि उसकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है। बीपी और शुगर के कारण यह स्थिति हो गई।
कलेक्टर मनीष सिंह ने संवेदनशीलता दिखाई और पीड़ित को सोफे पर बैठाकर समस्या सुनी। आशीष के मुताबिक उनसे बॉम्बे अस्पताल के समीप वृंदावन कॉलोनी में अर्पित मित्तल से प्लॉट खरीदा था। इसके जितने रुपए थे वह भी दे दिए थे। रजिस्ट्री के लिए कहा तो बार-बार टालने लगा कि करवा देंगे। धीरे-धीरे उसने कुछ भी बताना बंद कर दिया। बीमार होते हुए भी उसके घर और ऑफिस के चक्कर काटता लेकिन चौकीदार बाहर से ही कह देते कि वह घर नहीं है। इसके कारण परेशान हो गया हू्ं। इस पर कलेक्टर ने मौके पर ही एडीएम पवन जैन को निर्देश दिए कि अर्पित अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए। एडीएम ने बताया कि यह एकदम गलत है कि जो व्यक्ति पहले से शारीरिक समस्या से जूझ रहा है उसे इस तरह से परेशान किया जाए।
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इस संबंध में पीड़ित आशीष अग्रवाल ने कलेक्टर से शिकायत की थी। अपनी पत्नी के साथ आशीष कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था और शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि मित्तल उद्योग के अर्पित मित्तल ने उसे धोखा दिया। रुपए लेने के बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कर रहा है। पीड़ित ने बताया कि उसकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है। बीपी और शुगर के कारण यह स्थिति हो गई।
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कलेक्टर मनीष सिंह ने संवेदनशीलता दिखाई और पीड़ित को सोफे पर बैठाकर समस्या सुनी। आशीष के मुताबिक उनसे बॉम्बे अस्पताल के समीप वृंदावन कॉलोनी में अर्पित मित्तल से प्लॉट खरीदा था। इसके जितने रुपए थे वह भी दे दिए थे। रजिस्ट्री के लिए कहा तो बार-बार टालने लगा कि करवा देंगे। धीरे-धीरे उसने कुछ भी बताना बंद कर दिया। बीमार होते हुए भी उसके घर और ऑफिस के चक्कर काटता लेकिन चौकीदार बाहर से ही कह देते कि वह घर नहीं है। इसके कारण परेशान हो गया हू्ं। इस पर कलेक्टर ने मौके पर ही एडीएम पवन जैन को निर्देश दिए कि अर्पित अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए। एडीएम ने बताया कि यह एकदम गलत है कि जो व्यक्ति पहले से शारीरिक समस्या से जूझ रहा है उसे इस तरह से परेशान किया जाए।
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