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इंदौर: सिंधिया बोले- जिस व्यक्ति ने मेरे पिताजी के साथ 30 वर्ष बिताए, उनकी किताब का विमोचन करना गर्व की बात
Sun, 13 Mar 2022 07:16 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 13 Mar 2022 07:16 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर में पुस्तक नेहरू स्टेडियम से लॉर्ड्स तक का विमोचन किया। यह पुस्तक क्रिकेट पत्रकार अशोक कुमट ने लिखी है। विमोचन अवसर पर सिंधिया ने पुराने संस्मरण भी सुनाए।
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पुस्तक नेहरू स्टेडियम से लॉर्ड्स तक का विमोचन करते सिंधिया
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शहर की होटल सयाजी में रविवार को क्रिकेट पत्रकार अशोक कुमट की पुस्तक नेहरू स्टेडियम से लॉर्ड्स तक का विमोचन हुआ। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बतौर अतिथि शामिल हुए और पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने मेरे पिताजी के साथ करीब 30 वर्ष बिताए, उनकी किताब का विमोचन करते हुए मैं गर्व महसूस कर रहा हूं।
कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर सुधीर असनानी का सम्मान भी किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं साधारण क्रिकेटर था, इसलिए बड़ा क्रिकेटर नहीं बन सका। मगर क्रिकेट से प्यार था तो अंपायरिंग करने लगा। मैं भारत का सबसे कम उम्र का अंतरराष्ट्रीय अंपायर बना। अब यह रिकार्ड इंदौर के नितिन मेनन के नाम है। सिंधियाजी के प्रयासों से मुझे बीसीसीआई की अंपायर कमेटी का सदस्य चुना गया, इसके लिए उनका धन्यवाद। एमपीसीए के प्रतिनिधि राजूसिंह चौहान का भी सम्मान हुआ। चौहान ने मंच पर आकर सिंधिया के पैर छुए, लेकिन भाषण नहीं दिया। अपने भाषण में सिंधिया ने कहा कि लोग कहते हैं हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है, मगर मेरे अनुसार हर सफल व्यक्ति के पीछे एक सशक्त महिला होती है। जो हर सुख दुख में, हर संघर्ष में उसका कंधे से कंधा मिलाकर साथ देती है। इंदौर संभागीय क्रिकेट संगठन से मेरे पिताजी का भी संबंध रहा है। छह साल की उम्र से मैं पिताजी की अंगुली पकड़कर यहां आता था। हम राजगढ़ कोठी में रुकते थे। पिताजी हर मैच के लिए मुझे यहां साथ लाते थे। इंदौर संभागीय क्रिकेट संगठन क्रिकेट की नर्सरी है।
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कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर सुधीर असनानी का सम्मान भी किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं साधारण क्रिकेटर था, इसलिए बड़ा क्रिकेटर नहीं बन सका। मगर क्रिकेट से प्यार था तो अंपायरिंग करने लगा। मैं भारत का सबसे कम उम्र का अंतरराष्ट्रीय अंपायर बना। अब यह रिकार्ड इंदौर के नितिन मेनन के नाम है। सिंधियाजी के प्रयासों से मुझे बीसीसीआई की अंपायर कमेटी का सदस्य चुना गया, इसके लिए उनका धन्यवाद। एमपीसीए के प्रतिनिधि राजूसिंह चौहान का भी सम्मान हुआ। चौहान ने मंच पर आकर सिंधिया के पैर छुए, लेकिन भाषण नहीं दिया। अपने भाषण में सिंधिया ने कहा कि लोग कहते हैं हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है, मगर मेरे अनुसार हर सफल व्यक्ति के पीछे एक सशक्त महिला होती है। जो हर सुख दुख में, हर संघर्ष में उसका कंधे से कंधा मिलाकर साथ देती है। इंदौर संभागीय क्रिकेट संगठन से मेरे पिताजी का भी संबंध रहा है। छह साल की उम्र से मैं पिताजी की अंगुली पकड़कर यहां आता था। हम राजगढ़ कोठी में रुकते थे। पिताजी हर मैच के लिए मुझे यहां साथ लाते थे। इंदौर संभागीय क्रिकेट संगठन क्रिकेट की नर्सरी है।
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कार्यक्रम के दौरान चर्चारत सिंधिया और विजयवर्गीय
- फोटो : सोशल मीडिया
आज खूबसूरत है जिमखाना मैदान
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि मैं तो गिल्ली-डंडे वाला था, क्रिकेट वालों के कहने पर क्रिकेट में आया। मैंने सभी वरिष्ठ क्रिकेटरों से सब कुछ समझा। आज जिमखाना मैदान बहुत खूबसूरत है। यहां पहले कंकर पत्थर होते थे। हमने शहर में कई मैदान तैयार किए हैं, फिर भी मैदान कम पड़ रहे हैं। आज दो अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया है, बहुत जल्द ज्यादा संख्या में खिलाड़ी इंदौर से निकलेंगे। इनमें महिला खिलाड़ी भी शामिल होंगी। इसके बाद कहा कि सभी लोग खड़े होकर सिंधियाजी का सम्मान करें। सिंधियाजी ने यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में महती भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों से भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी। इस काम के लिए चार मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें सिंधियाजी शामिल थे।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि मैं तो गिल्ली-डंडे वाला था, क्रिकेट वालों के कहने पर क्रिकेट में आया। मैंने सभी वरिष्ठ क्रिकेटरों से सब कुछ समझा। आज जिमखाना मैदान बहुत खूबसूरत है। यहां पहले कंकर पत्थर होते थे। हमने शहर में कई मैदान तैयार किए हैं, फिर भी मैदान कम पड़ रहे हैं। आज दो अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया है, बहुत जल्द ज्यादा संख्या में खिलाड़ी इंदौर से निकलेंगे। इनमें महिला खिलाड़ी भी शामिल होंगी। इसके बाद कहा कि सभी लोग खड़े होकर सिंधियाजी का सम्मान करें। सिंधियाजी ने यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में महती भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों से भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी। इस काम के लिए चार मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें सिंधियाजी शामिल थे।
