{"_id":"62835b2762cb480bc72f36b7","slug":"indore-news-now-the-focus-is-on-making-the-air-clean-four-air-quality-monitoring-stations-will-be-built-in-the-city-the-air-will-be-monitored","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: अब हवा को स्वच्छ बनाने पर फोकस, शहर में बनेंगे चार एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन, हवा पर रखी जाएगी नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: अब हवा को स्वच्छ बनाने पर फोकस, शहर में बनेंगे चार एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन, हवा पर रखी जाएगी नजर
Tue, 17 May 2022 02:49 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 17 May 2022 02:49 PM IST
सार
स्वच्छ शहर इंदौर में अब हवा को साफ बनाने की योजना है। इसके लिए शहर में चार नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इससे हवा पर नजर रखी जाएगी। इन स्टेशनों से हर पल हवा में घुले सूक्ष्ण धूल कणों के साथ ही घातक गैसों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शहर की आबोहवा को स्वच्छ बनाने के लिए हर कोने पर होने वाले वायु प्रदूषण पर हर पल नजर रखी जाएगी। इसके लिए नगर निगम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर शहर में चार नए कंटिन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) बनाए जाएंगे। इस पर तीन करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने इसके लिए टेंडर भी जारी किए हैं। अभी इंदौर में इस तरह का सिर्फ ही स्टेशन है, जो काम कर रहा है और जिससे डाटा रिकॉर्ड किया जा रहा है। यह डीआईजी ऑफिस पर लगाया गया है। अफसरों की मानें तो इंदौर का नाम देश के 122 ऐसे शहरों में शामिल हैं, जहां वायु प्रदूषण ज्यादा है। इसके बाद क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत यह जरूरी किया गया है कि ऐसे शहरों में कम से कम चार स्टेशन होना चाहिए, ताकि पूरे शहर की सही स्थिति का पता लगाया जा सके। इसी आधार पर इंदौर में ऐसे चार नए स्टेशन बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। अभी इन स्टेशनों के लिए पूरी मशीनरी उपलब्ध करवाने से लेकर लगाने और पांच सालों तक संचालित करने के लिए तीन करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। इन स्टेशनों से हर पल हवा में घुले सूक्ष्ण धूल कणों के साथ ही घातक गैसों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। अभी यह तय नहीं किया गया है कि इन स्टेशनों को कहां शुरू किया जाएगा। हालांकि इसके लिए एयरपोर्ट, खंडवा रोड यूनिवर्सिटी, विजयनगर जैसे क्षेत्रों के नाम पर विचार किया जा रहा है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स सौ के ऊपर
शहर की बात करें तो अभी ऐसे दो और स्टेशन हैं। पहला पोलोग्राउंड पर और दूसरा फाइन आर्ट कॉलेज पर, जिसे विजयनगर से यहां शिफ्ट किया गया है। ये दोनों ही स्टेशन सीएसआर फंड के तहत निजी कंपनियों द्वारा लगाए गए हैं। लेकिन देखरेख के अभाव में ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे इनसे डाटा रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा है, न ही यह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिल रहा है। इसके अलावा कोठारी मार्केट, सांवेर रोड और स्कीम 78 में बोर्ड के ऑफ लाइन सेंटर भी हैं, लेकिन यहां भी पूरे समय डाटा रिकॉर्ड न होने से इसकी जानकारी ज्यादा उपयोगी नहीं होती है। शहर में पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और एयर क्वालिटी इंडेक्स 8 मार्च के बाद से ही लगातार 100 के ऊपर बना हुआ है। नरवाई जलाने को भी इसका कारण बताया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने इसके लिए टेंडर भी जारी किए हैं। अभी इंदौर में इस तरह का सिर्फ ही स्टेशन है, जो काम कर रहा है और जिससे डाटा रिकॉर्ड किया जा रहा है। यह डीआईजी ऑफिस पर लगाया गया है। अफसरों की मानें तो इंदौर का नाम देश के 122 ऐसे शहरों में शामिल हैं, जहां वायु प्रदूषण ज्यादा है। इसके बाद क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत यह जरूरी किया गया है कि ऐसे शहरों में कम से कम चार स्टेशन होना चाहिए, ताकि पूरे शहर की सही स्थिति का पता लगाया जा सके। इसी आधार पर इंदौर में ऐसे चार नए स्टेशन बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। अभी इन स्टेशनों के लिए पूरी मशीनरी उपलब्ध करवाने से लेकर लगाने और पांच सालों तक संचालित करने के लिए तीन करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। इन स्टेशनों से हर पल हवा में घुले सूक्ष्ण धूल कणों के साथ ही घातक गैसों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। अभी यह तय नहीं किया गया है कि इन स्टेशनों को कहां शुरू किया जाएगा। हालांकि इसके लिए एयरपोर्ट, खंडवा रोड यूनिवर्सिटी, विजयनगर जैसे क्षेत्रों के नाम पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
एयर क्वालिटी इंडेक्स सौ के ऊपर
शहर की बात करें तो अभी ऐसे दो और स्टेशन हैं। पहला पोलोग्राउंड पर और दूसरा फाइन आर्ट कॉलेज पर, जिसे विजयनगर से यहां शिफ्ट किया गया है। ये दोनों ही स्टेशन सीएसआर फंड के तहत निजी कंपनियों द्वारा लगाए गए हैं। लेकिन देखरेख के अभाव में ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे इनसे डाटा रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा है, न ही यह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिल रहा है। इसके अलावा कोठारी मार्केट, सांवेर रोड और स्कीम 78 में बोर्ड के ऑफ लाइन सेंटर भी हैं, लेकिन यहां भी पूरे समय डाटा रिकॉर्ड न होने से इसकी जानकारी ज्यादा उपयोगी नहीं होती है। शहर में पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और एयर क्वालिटी इंडेक्स 8 मार्च के बाद से ही लगातार 100 के ऊपर बना हुआ है। नरवाई जलाने को भी इसका कारण बताया जा रहा है।
विज्ञापन
