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इंदौर: रील नहीं रियल लाइफ के मुन्नाभाई, नकल के लिए कान में फिट करवा लिया ब्लूटूथ तो बनियान में की डिवाइस की सिलाई...
Tue, 22 Feb 2022 02:41 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 22 Feb 2022 02:41 PM IST
सार
एमबीबीएस की परीक्षा में दो मुन्नाभाई पकड़ाए हैं। इनमें से एक ने कान में ब्लूटूथ फिट करवा रखा तो दूसरे ने बनियान में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की सिलाई कर ली थी। जिस टीम ने इन दोनों को पकड़ा वह भी नकल के तरीके को देख हैरान रह गई।
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एमबीबीएस की परीक्षा में नकल सिर्फ फिल्म में नहीं होती, असल में भी ऐसा होता है। नकल करने के तरीके सुनकर आप दंग रह जाएंगे क्योंकि जिस टीम ने इन मुन्नाभाइयों को पकड़ा है वह भी दंग रह गई। एक ने कान में ब्लूटूथ लगा रखा तो दूसरे ने बनियान में सिम लगे डिवाइस को सील दिया।
जानकारी के मुताबिक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने एमबीबीएस की परीक्षा में नकल करते हुए दो छात्रों को पकड़ाय़ दोनों मेडिकल के छात्र हैं, जिनका नकल प्रकरण बनाया है। इसे नकल समिति के सामने रखा जाएगा। इस मामले में परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तलाशी नहीं लेने को लेकर केंद्र को भी नोटिस दिया जाएगा। दरअसल, 18 फरवरी से एमबीबीएस की परीक्षाएं शुरू हुई हैं जो 7 मार्च तक चलेंगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में परीक्षा के लिए तीन केंद्र बनाए गए हैं।
शंका होने पर ली तलाशी तो आ गए पकड़ में
सोमवार को एमबीबीएस का जनरल मेडिसीन का पेपर था। दोपहर 12 बजे से पेपर शुरू हुआ। इस बीच विश्वविद्यालय का उड़नदस्ता एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचा। इस दल में डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर, डॉ. विवेक साठे, डॉ. चेताली उइके शामिल थीं। करीब 80 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। इस टीम ने शंका होने पर एक छात्र की तलाशी ली तो उसके जेब से मोबाइल निकला। जिस पर कॉल चल रहा था। कान में लगे ब्लूट्रूथ डिवाइस से मोबाइल कनेक्ट था। पूछने पर छात्र ने माइक्रो ब्लूट्रूथ कान में लगा होने की जानकारी दी, जिसे टीम के सदस्य ने निकलने की कोशिश की। मगर वह सर्जिकल ब्लूट्रूथ था, जिसे डॉक्टर की मदद से लगाया जाता है। जब ब्लूटूथ नहीं निकला तो टीम ने मोबाइल जब्त कर लिया। इसी दौरान एक और परीक्षार्थी पर शंका हुई। उसकी तलाशी ली और शर्ट निकलवाया। शर्ट के अंदर बनियान में एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाया हुआ था, जिसकी तार को बनियान के सहारे सिलवाया था। इस छात्र ने भी कान में सर्जिकल व माइक्रो ब्लूट्रूथ लगाया था। टीम ने इसे जब्त किया और देखने पर पाया कि डिवाइस में सिम लगी हुई थी। इस मामले में परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष से टीम नाराजगी जताकर गई। क्योंकि परीक्षा से पहले तलाशी नहीं लिए जाने की बात सामने आई। यदि तलाशी ली जाती तो मोबाइल परीक्षा कक्ष तक नहीं पहुंच पाता। डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर ने कहा कि एमबीबीएस की परीक्षा में दो नकलची छात्रों को पकड़ा है। ये आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर रहे थे। नकल सामग्री जब्त कर दोनों छात्रों के नकल प्रकरण बनाए हैं। इन्हें नकल समिति के सामने रखा जाएगा। केंद्र को भी नोटिस देंगे।
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जानकारी के मुताबिक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने एमबीबीएस की परीक्षा में नकल करते हुए दो छात्रों को पकड़ाय़ दोनों मेडिकल के छात्र हैं, जिनका नकल प्रकरण बनाया है। इसे नकल समिति के सामने रखा जाएगा। इस मामले में परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तलाशी नहीं लेने को लेकर केंद्र को भी नोटिस दिया जाएगा। दरअसल, 18 फरवरी से एमबीबीएस की परीक्षाएं शुरू हुई हैं जो 7 मार्च तक चलेंगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में परीक्षा के लिए तीन केंद्र बनाए गए हैं।
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शंका होने पर ली तलाशी तो आ गए पकड़ में
सोमवार को एमबीबीएस का जनरल मेडिसीन का पेपर था। दोपहर 12 बजे से पेपर शुरू हुआ। इस बीच विश्वविद्यालय का उड़नदस्ता एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचा। इस दल में डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर, डॉ. विवेक साठे, डॉ. चेताली उइके शामिल थीं। करीब 80 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। इस टीम ने शंका होने पर एक छात्र की तलाशी ली तो उसके जेब से मोबाइल निकला। जिस पर कॉल चल रहा था। कान में लगे ब्लूट्रूथ डिवाइस से मोबाइल कनेक्ट था। पूछने पर छात्र ने माइक्रो ब्लूट्रूथ कान में लगा होने की जानकारी दी, जिसे टीम के सदस्य ने निकलने की कोशिश की। मगर वह सर्जिकल ब्लूट्रूथ था, जिसे डॉक्टर की मदद से लगाया जाता है। जब ब्लूटूथ नहीं निकला तो टीम ने मोबाइल जब्त कर लिया। इसी दौरान एक और परीक्षार्थी पर शंका हुई। उसकी तलाशी ली और शर्ट निकलवाया। शर्ट के अंदर बनियान में एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाया हुआ था, जिसकी तार को बनियान के सहारे सिलवाया था। इस छात्र ने भी कान में सर्जिकल व माइक्रो ब्लूट्रूथ लगाया था। टीम ने इसे जब्त किया और देखने पर पाया कि डिवाइस में सिम लगी हुई थी। इस मामले में परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष से टीम नाराजगी जताकर गई। क्योंकि परीक्षा से पहले तलाशी नहीं लिए जाने की बात सामने आई। यदि तलाशी ली जाती तो मोबाइल परीक्षा कक्ष तक नहीं पहुंच पाता। डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर ने कहा कि एमबीबीएस की परीक्षा में दो नकलची छात्रों को पकड़ा है। ये आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर रहे थे। नकल सामग्री जब्त कर दोनों छात्रों के नकल प्रकरण बनाए हैं। इन्हें नकल समिति के सामने रखा जाएगा। केंद्र को भी नोटिस देंगे।
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