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इंदौर: महापौर ने की हनी ट्रैप मामले में फंसे अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की सिफारिश

Sun, 22 Sep 2019 09:19 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: आसिम खान Updated Sun, 22 Sep 2019 09:19 PM IST
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Indore Mayor Malini Gaur demands immediate suspension of officer trapped in Honey Trap case
इंदौर की महापौर मालिनी गौड़ (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच घमासान जारी है। इसी को लेकर इंदौर की महापौर मालिनी गौड़ ने नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह से फोन पर चर्चा की। उन्होंने हनी ट्रैप मामले में उलझे निगम अधिकारी हरभजन के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। जयवर्धन सिंह ने भी संकेत दिए हैं कि हरभजन सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। 

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मुलाकात के बाद मालिनी गौड़ ने संवाददाताओं को बताया, मैंने प्रदेश के नगरीय विकास और आवास मंत्री जयवर्धन सिंह से फोन पर चर्चा में सिफारिश की है कि नगर निगम के अधीक्षण अभियंता हरभजन सिंह को तुरंत निलंबित किया जाए। महापौर ने कहा, हनी ट्रैप गिरोह के जाल में नगर निगम अधिकारी का फंसना शर्मनाक घटना है। उनका अनैतिक कृत्य निगम की साख पर धब्बा है। ऐसे कृत्य समाज में बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।
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वहीं, हनी ट्रेप मामले को लेकर कमलनाथ के मंत्री जीतू पटवारी ने देवास में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में जो भाजपा की सरकार थी, शिवराज सिंह जी की जो सरकार थी, उसमें अधिकारी और नेता महिलाओं को मायाजाल में फंसाकर करप्शन भी करते थे, भ्रष्टाचार भी करते थे, ठेके भी देते थे और ठेके लेते भी थे।
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इस बीच, एक स्थानीय अदालत ने हनी ट्रैप गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों में शामिल आरती दयाल (29) और मोनिका यादव (18) की पुलिस हिरासत अवधि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 28 सितंबर तक बढ़ा दी। इसके साथ ही, उनके चालक ओमप्रकाश कोरी (45) को न्यायिक हिरासत के तहत स्थानीय जेल भेज दिया।


तीनों आरोपियों की पुलिस हिरासत अवधि रविवार को खत्म होने के बाद इन्हें अदालत में पेश किया गया था। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मामले में जारी जांच और भोपाल एवं अन्य स्थानों में वारदात से जुड़ी सामग्री की आरोपियों की निशानदेही पर बरामदगी के लिए इनकी पुलिस हिरासत अवधि बढ़ाए जाने की जरूरत है।

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