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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore: Letter went viral in the name of UGC, everyone was surprised to read it... later it was found out that the letter is fake

इंदौर: यूजीसी के नाम से वायरल हुआ पत्र, पढ़कर हर कोई हुआ हैरान...बाद में चला पता-फर्जी है पत्र

Mon, 13 Dec 2021 04:27 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Mon, 13 Dec 2021 04:27 PM IST
सार

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के अधिकारी-शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुए पत्र ने सबको हैरत में डाल दिया। इसमें लिखा था कि देश के सभी विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन परीक्षाएं करवाईं जाएंगी। बाद में पता चला कि ये पत्र फर्जी है। 

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Indore: Letter went viral in the name of UGC, everyone was surprised to read it... later it was found out that the letter is fake
देवी अहिल्या विवि इंदौर। फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के अधिकारी-शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुए पत्र ने सबको हैरत में डाल दिया। यूजीसी के नाम से ये पत्र जारी हुआ था और इसमें लिखा था कि देश के सभी विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन परीक्षाएं करवाईं जाएंगी। बाद में पता चला कि ये पत्र फर्जी है। यूजीसी ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया।
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दरअसल इन दिनों कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने सबको चिंतित कर रखा है। छात्र संगठन भी लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन पद्धति से करवाई जाए। इसके चलते पिछले दिनों छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। विरोध के बाद देवी अहिल्या विवि ने 16 दिसंबर से होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी है। देवी अहिल्या विवि ने ऑनलाइन परीक्षाओं पर शासन और उच्च शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांगा है। यह सब चल ही रहा था कि रविवार को यूजीसी के नाम से जारी पत्र में स्थिति को चिंताजनक कर दिया। डीएवीवी के अधिकारी-शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में यह पत्र वायरल हुआ था जिसे विवि के कार्यपरिषद सदस्य ने वायरल किया था। इस कारण पत्र पर किसी को संदेह नहीं हुआ और हर कोई ये समझा कि यह सही है।
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हालांकि, कार्यपरिषद को जब लगा कि यूजीसी की वेबसाइट पर इस तरह का पत्र नहीं है तो उन्होंने इस पत्र के नीचे लिखा कि इसकी पुष्टि जरूरी है। इस पत्र पर 10 दिसंबर की तारीख अंकित थी और इसमें लिखा था कि विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं ऑफलाइन पद्धति से करवाई जाएंगी। यूजीसी के सचिव डॉ. रजनीश जैन के हस्ताक्षर भी पत्र में थे। जब मामला तूल पकड़ने लगा तो डॉ. जैन को सफाई देनी पड़ी कि इस तरह का कोई पत्र यूजीसी ने जारी नहीं किया। इसके बाद यह पुष्टि हुई कि पत्र फर्जी है। इस मामले में डॉ. रजनीश जैन ने कहा कि परीक्षाओं को लेकर यूजीसी ने फिलहाल किसी तरह का पत्र व निर्देश जारी नहीं किया। यूजीसी सभी पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी करती है। विद्यार्थी इंटरनेट मीडिया के किसी पत्र पर भरोसा न करें। वायरल हुआ पत्र यूजीसी का नहीं है। 
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