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...जहां 15 अगस्त से पखवाड़े भर पहले ही मना लिया गया स्वतंत्रता दिवस
Wed, 31 Jul 2019 09:31 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 31 Jul 2019 09:31 PM IST
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shiva temple (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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देश भर में 73वां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को जोर-शोर से मनाने की तैयारियां जारी हैं। लेकिन आपको जानकर हैरत हो सकती है कि मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में आजादी का सालाना पर्व बुधवार को ही मना लिया गया।
दरअसल, इंदौर से लगभग 250 किलोमीटर दूर मंदसौर में शिवना नदी के किनारे के इस प्राचीन मंदिर में स्वतंत्रता दिवस हिन्दू पंचांग के आधार पर मनाया जाता है। यह अनूठी परंपरा तीन दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही है।
पशुपतिनाथ मन्दिर के पुरोहितों और यजमानों की संस्था "ज्योतिष एवं कर्मकांड परिषद" के अध्यक्ष उमेश जोशी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 15 अगस्त 1947 को जब देश अंग्रेजी राज से आजाद हुआ, तब हिंदू पंचांग के मुताबिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। लिहाजा भगवान शिव के मन्दिर में हर साल इसी तिथि के अनुसार विशेष पूजा-पाठ कर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
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उन्होंने बताया कि इस बार यह तिथि (श्रावण कृष्ण चतुर्दशी) आज (बुधवार) पड़ी। लिहाजा हमने अपनी परंपरा के अनुसार पशुपतिनाथ मन्दिर में स्वतंत्रता दिवस मनाया। जोशी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार कर पूजा की गई। इस दौरान दूर्वा (पूजन में प्रयोग होने वाली खास तरह की घास) के जल से अष्टमुखी शिवलिंग का अभिषेक किया गया और देशभक्ति के नारे लगाते हुए सबकी खुशहाली की प्रार्थना की गयी।
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दरअसल, इंदौर से लगभग 250 किलोमीटर दूर मंदसौर में शिवना नदी के किनारे के इस प्राचीन मंदिर में स्वतंत्रता दिवस हिन्दू पंचांग के आधार पर मनाया जाता है। यह अनूठी परंपरा तीन दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही है।
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पशुपतिनाथ मन्दिर के पुरोहितों और यजमानों की संस्था "ज्योतिष एवं कर्मकांड परिषद" के अध्यक्ष उमेश जोशी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 15 अगस्त 1947 को जब देश अंग्रेजी राज से आजाद हुआ, तब हिंदू पंचांग के मुताबिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। लिहाजा भगवान शिव के मन्दिर में हर साल इसी तिथि के अनुसार विशेष पूजा-पाठ कर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
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उन्होंने बताया कि इस बार यह तिथि (श्रावण कृष्ण चतुर्दशी) आज (बुधवार) पड़ी। लिहाजा हमने अपनी परंपरा के अनुसार पशुपतिनाथ मन्दिर में स्वतंत्रता दिवस मनाया। जोशी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार कर पूजा की गई। इस दौरान दूर्वा (पूजन में प्रयोग होने वाली खास तरह की घास) के जल से अष्टमुखी शिवलिंग का अभिषेक किया गया और देशभक्ति के नारे लगाते हुए सबकी खुशहाली की प्रार्थना की गयी।
