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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore: Government declared land worth about Rs 90 crore because those who were given for maintenance, they sold it to others.. The administration took action

Indore News: करीब 90 करोड़ रुपये की भूमि शासकीय घोषित, पट्टेदारों को भरण-पोषण के लिए दी थी उन्होंने दूसरों को बेच दी... प्रशासन ने की कार्रवाई

Tue, 28 Dec 2021 03:30 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Tue, 28 Dec 2021 03:30 PM IST
सार

इंदौर में लगभग 90 करोड़ रुपये की बहुमूल्य जमीन शासकीय घोषित की गई है। कार्रवाई में लगभग 12.14 एकड़ भूमि शासकीय घोषित हुई है। ये जमीन पट्टेदारों को भरण पोषण के लिए दी गई थी लेकिन उन्होंने इसे बेच दिया।

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Indore: Government declared land worth about Rs 90 crore because those who were given for maintenance, they sold it to others.. The administration took action
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जिला प्रशासन द्वारा शासकीय जमीनों के प्रतिरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पट्टेदारों द्वारा अनियमितता कर बेची गई लगभग 90 करोड़ रुपये की बहुमूल्य जमीन शासकीय घोषित की गई है। कार्रवाई में लगभग 12.14 एकड़ भूमि शासकीय घोषित हुई है। ये जमीन पट्टेदारों को भरण पोषण के लिए दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे बेच दिया।
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अपर कलेक्टर पवन जैन ने बताया कि ग्राम राजधरा तहसील बिचौली हप्सी स्थित भूमि खसरा नंबर 159 वर्ष 1976 में पट्टेदारों को भरण-पोषण के लिए पट्टे पर दी गई थी। यह पट्टे प्रेमा पिता नंदा (रकबा 1.000 हेक्टेयर), सिद्धू पिता चुन्नीलाल (रकबा 1.000 हेक्टेयर), भागीरथ पिता मानसिंह (रकबा 0.750 हेक्टेयर), हीरालाल पिता नंदराम (रकबा 0.167 हेक्टेयर), चंदरसिंह पिता कल्लू (रकबा 1.000 हेक्टेयर) तथा रामचरण पिता मोती (रकबा 1.000 हेक्टेयर) को प्रदान किए गए थे। इन पट्टेदारों ने उक्त शासकीय भूमि बिना सक्षम अनुमति के अन्य कृषकों को बेच दी। जब जिला प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो तस्दीक की और शासकीय भूमि के प्रतिरक्षण के लिए अभियान चलाया। किसी भी शासकीय भूमि को बेचने से पहले कलेक्टर से अनुमति लेना जरूरी होता है, लेकिन पट्टेदारों ने ऐसा नहीं किया। बिना अनुमति के ही किसानों को जमीन बेच दी। पट्टाधारियों द्वारा की गई इस अनियमितता पर ग्राम राजधरा की कुल भूमि 4.917 हेक्टेयर (12.14 एकड़) शासकीय घोषित की गई।  उक्त भूमि का अनुमानित व्यावहारिक मूल्य 90 करोड़ रुपये है। भूमि को मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज कर कब्जा प्राप्त करने के निर्देश तहसीलदार को दिए।
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