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इंदौरी रंगपंचमी की तैयारियां: दो साल बाद निकलेगी गेर, अफसर-जनप्रतिनिधियों ने देखा रूट, कुछ बदलाव पर बनी सहमति
Wed, 02 Mar 2022 01:51 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 02 Mar 2022 01:51 PM IST
सार
इंदौर में दो साल बाद फिर रंगपंचमी पर गेर निकलेगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि सुबह गेर के रूट को देखने पहुंचे। निरीक्षण कर व्यवस्था देखी। रूट में थोड़ा से बदलाव किया गया है।
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रंगपंचमी पर गेर मार्ग का निरीक्षण करते हुए जनप्रतिनिधि व अधिकारी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंदौर में रंगपंचमी पर गेर निकालने की परंपरा रही है। कोरोना के चलते बीते दो सालों से गेर नहीं निकल रही थी। इस बार गेर निकालने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इंदौरवासी खुश हैं तो प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है। इस बार गेर के रूट में थोड़ा बदलाव किया गया है क्योंकि परंपरागत रूट पर कुछ जगह निर्माण कार्य चल रहा है।
दरअसल पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि इस बार होली भी मनाओ और गेर भी निकालो। इसके बाद से ही यह लगभग तय हो गया था कि इंदौर की शान रंगारंग गेर रंगपंचमी पर निकाली जाएगी। इसके चलते बुधवार सुबह कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल और विधायक मालिनी गौड़ ने गेर मार्ग की समीक्षा करने के लिए क्षेत्र में पैदल भ्रमण किया। अधिकारियों और विधायक ने निरीक्षण के बाद बचे हुए दिनों में एक वैकल्पिक रास्ता बनाना तय किया है।
प्रशासनिक अधिकारी और विधायक सुबह राजबाड़ा क्षेत्र में पहुंचे और खजूरी बाजार से लेकर गोराकुंड तक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सड़क मार्ग पर हो रहे काम को लेकर चर्चा की। साथ ही बताया कि बचे हुए दिन में ऐसी वैकल्पिक सड़क बना दी जाएगी, जिससे गेर में शामिल लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। इस दौरान आयोजक सहित अधिकारियों ने देखा कि टोरी कॉर्नर से मल्हारगंज स्थित छोटा गणपति तक रोड रंगपंचमी के पहले ठीक नहीं हो सकता है। गोराकुंड से लेकर राजबाड़ा तक रोड की स्थिति ठीक नहीं होने पर निरीक्षण के दौरान गेर और फागयात्रा का रूट बदल दिया गया। इस दौरान गोराकुंड से राजबाड़ा तक की रोड दोनों साइड के काम को जल्द पूरा कराने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान आयोजकों ने बीच में डामर के रोड को व्यवस्थित करने के लिए भी कहा, ताकि गेर और यात्रा निकल जाए। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते गत दो सालों से रंगपंचमी पर गेर नहीं निकल पा रही थी। आखिरी बार 2019 में गेर निकली थी।
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दरअसल पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि इस बार होली भी मनाओ और गेर भी निकालो। इसके बाद से ही यह लगभग तय हो गया था कि इंदौर की शान रंगारंग गेर रंगपंचमी पर निकाली जाएगी। इसके चलते बुधवार सुबह कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल और विधायक मालिनी गौड़ ने गेर मार्ग की समीक्षा करने के लिए क्षेत्र में पैदल भ्रमण किया। अधिकारियों और विधायक ने निरीक्षण के बाद बचे हुए दिनों में एक वैकल्पिक रास्ता बनाना तय किया है।
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प्रशासनिक अधिकारी और विधायक सुबह राजबाड़ा क्षेत्र में पहुंचे और खजूरी बाजार से लेकर गोराकुंड तक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सड़क मार्ग पर हो रहे काम को लेकर चर्चा की। साथ ही बताया कि बचे हुए दिन में ऐसी वैकल्पिक सड़क बना दी जाएगी, जिससे गेर में शामिल लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। इस दौरान आयोजक सहित अधिकारियों ने देखा कि टोरी कॉर्नर से मल्हारगंज स्थित छोटा गणपति तक रोड रंगपंचमी के पहले ठीक नहीं हो सकता है। गोराकुंड से लेकर राजबाड़ा तक रोड की स्थिति ठीक नहीं होने पर निरीक्षण के दौरान गेर और फागयात्रा का रूट बदल दिया गया। इस दौरान गोराकुंड से राजबाड़ा तक की रोड दोनों साइड के काम को जल्द पूरा कराने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान आयोजकों ने बीच में डामर के रोड को व्यवस्थित करने के लिए भी कहा, ताकि गेर और यात्रा निकल जाए। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते गत दो सालों से रंगपंचमी पर गेर नहीं निकल पा रही थी। आखिरी बार 2019 में गेर निकली थी।
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इंदौर में इस तरह रंगपंचमी पर निकलती है गेर (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
हिंदू समाज का त्योहार, इसमें कोई कमी न रहे-गौड़
निरीक्षण के बाद रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर और फागयात्रा का रूट तय किया गया। इसके तहत टोरी कॉर्नर से लोहार पट्टी, इतवारिया बाजार, सीतलामाता बाजार, गोराकुंड चौराहा, खजूरी बाजार होते हुए राजबाड़ा से गोपाल मंदिर रोड और सराफा होते हुए गेर और फागयात्रा निकलेगी। रंगपंचमी के पहले गेर और फागयात्रा निकालने के लिए गोराकुंड से राजबाड़ा तक रोड को व्यवस्थित करने का नगर निगम को कहा गया है। दरअसल यह सब इसलिए किया गया क्योंकि गेर मार्ग टोरी कॉर्नर से मल्हारंगज स्थित छोटा गणपति, गोराकुंड चौराहा, खजूरी बाजार और राजबाड़ा तक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रोड चौड़ीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में इस रोड पर से गेर और यात्रा निकालना मुश्किल हो जाएगा।
इसी को लेकर आज सुबह हिंद रक्षक संगठन की संयोजक व पूर्व महापौर मालिनी गौड़, संस्था सृजन के संस्थापक कमलेश खंडेलवाल, टोरी कॉर्नर से गेर निकालने वाले शेखर गिरी और फागयात्रा निकालने वाले पूर्व पार्षद जयदीप जैन सहित अन्य आयोजक सुबह टोरी कॉर्नर पर इकट्ठा हुए। कलेक्टर मनीष सिंह, निगमायुक्त प्रतिभा पाल और एडिशनल सीपी मनीष कपूरिया भी पहुंचे। इसके बाद टोरी कॉर्नर से गेर और फागयात्रा मार्ग का निरीक्षण शुरू हुआ। निरीक्षण के पहले पूर्व महापौर गौड़ ने निगमायुक्त पाल से चर्चा में कहा कि रंगपंचमी हिंदू समाज का त्योहार है। इसमें कोई कमी न रहे। पुराने रूट पर ही गेर और फागयात्रा निकले। दो वर्ष के बाद फागयात्रा निकल रही है। इसके लिए लोगों में खासा उत्साह है। गेर देखने के लिए शहर के आसपास की भी जनता आती है, इसलिए भीड़ के हिसाब से सारी व्यवस्था और रोड चौड़ीकरण के चलते सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
निरीक्षण के बाद रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर और फागयात्रा का रूट तय किया गया। इसके तहत टोरी कॉर्नर से लोहार पट्टी, इतवारिया बाजार, सीतलामाता बाजार, गोराकुंड चौराहा, खजूरी बाजार होते हुए राजबाड़ा से गोपाल मंदिर रोड और सराफा होते हुए गेर और फागयात्रा निकलेगी। रंगपंचमी के पहले गेर और फागयात्रा निकालने के लिए गोराकुंड से राजबाड़ा तक रोड को व्यवस्थित करने का नगर निगम को कहा गया है। दरअसल यह सब इसलिए किया गया क्योंकि गेर मार्ग टोरी कॉर्नर से मल्हारंगज स्थित छोटा गणपति, गोराकुंड चौराहा, खजूरी बाजार और राजबाड़ा तक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रोड चौड़ीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में इस रोड पर से गेर और यात्रा निकालना मुश्किल हो जाएगा।
इसी को लेकर आज सुबह हिंद रक्षक संगठन की संयोजक व पूर्व महापौर मालिनी गौड़, संस्था सृजन के संस्थापक कमलेश खंडेलवाल, टोरी कॉर्नर से गेर निकालने वाले शेखर गिरी और फागयात्रा निकालने वाले पूर्व पार्षद जयदीप जैन सहित अन्य आयोजक सुबह टोरी कॉर्नर पर इकट्ठा हुए। कलेक्टर मनीष सिंह, निगमायुक्त प्रतिभा पाल और एडिशनल सीपी मनीष कपूरिया भी पहुंचे। इसके बाद टोरी कॉर्नर से गेर और फागयात्रा मार्ग का निरीक्षण शुरू हुआ। निरीक्षण के पहले पूर्व महापौर गौड़ ने निगमायुक्त पाल से चर्चा में कहा कि रंगपंचमी हिंदू समाज का त्योहार है। इसमें कोई कमी न रहे। पुराने रूट पर ही गेर और फागयात्रा निकले। दो वर्ष के बाद फागयात्रा निकल रही है। इसके लिए लोगों में खासा उत्साह है। गेर देखने के लिए शहर के आसपास की भी जनता आती है, इसलिए भीड़ के हिसाब से सारी व्यवस्था और रोड चौड़ीकरण के चलते सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
