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इंदौर: फर्जी फाइनेंशियल एडवाइजरी कंपनियों पर होगी कार्रवाई, धोखाधड़ी करने वाले दो एडवाइजर्स के खिलाफ केस दर्ज

Tue, 26 Oct 2021 05:20 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: रवींद्र भजनी Updated Tue, 26 Oct 2021 05:20 PM IST
सार

इंदौर में मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन बिना रजिस्ट्रेशन फाइनेंशियल एडवाइज देकर लोगों के साथ ठगी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। ऐसे ही दो फाइनेंशियल एडवाइजर्स के खिलाफ केस रजिस्टर किया गया है।   

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Indore: Action will be taken against non-registered financial advisers, two fake advisers booked for
फाइनेंशियल फ्रॉड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अवैधानिक रूप से इन्वेस्टमेंट के लिए चलाई जा रही फाइनेंशियल एडवाइजरी कंपनियों पर इंदौर जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। इसको लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त तेवर अपनाए हैं। इतना ही नहीं कार्रवाई की शुरुआत भी कर दी गई है। धोखाधड़ी के  ऐसे ही एक प्रकरण में छापामार कार्रवाई की गई और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
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इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी तथा एसडीएम अंशुल खरे की अगुवाई में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
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25 लाख रुपए की धोखाधड़ी की
गत दिनों इंदौर के टेलीफोन नगर निवासी 66 वर्षीय वृद्ध एवं सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी ने कलेक्टर मनीष सिंह को शिकायत की थी। इसमें बताया था कि इंदौर में स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी को चला रहे अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट सलाहकार पंकज पांचाल एवं शुभम भावसार ने उनके साथ स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर कूटरचित तरीके से लगभग 25 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। एसडीएम अंशुल खरे द्वारा उक्त प्रकरण की जांच की। इसमें पाया कि पंकज पांचाल एवं शुभम भावसार अनैतिक रूप से लाखों रुपए की धोखाधड़ी का कार्य कर रहे हैं। उक्त दोनों आरोपी सेबी में रजिस्टर्ड नहीं है न ही उनके द्वारा सेबी द्वारा निर्धारित किए गए मापदंडों का पालन किया जा रहा है। दोनों आरोपियों ने पीडि़त के साथ जालसाजी करके उनकी सेवानिवृत्ति पर प्राप्त धन को दोगुना करने का झांसा देकर धोखाधड़ी की। पीडि़त का डीमैट अकाउंट खुलवा कर खुद ही उसे ऑपरेट किया जो कि नियमों के विरुद्ध है।
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आरोपियों को पकडक़र दर्ज करवाया केस
सेबी की पकड़ से बचने के लिए आरोपियों ने वेबसाइट का निर्माण न करते हुए व्यक्तिगत रूप से निवेशकों को ढूंढ के निवेशकों के साथ ठगी की जा रही है। जांच में पाए गए इन तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए एएसपी  राजेश रघुवंशी एवं एसडीएम अंशुल खरे ने सोमवार देर रात दोनों आरोपियों को पकडक़र उनके विरुद्ध कनाडिय़ा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 409 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई।


अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टेमेंट सलाहकारों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि किसी भी अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट सलाहकार के झांसे में न आएं। इन्वेस्टमेंट सलाहकार का सेबी में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। साथ ही सेबी द्वारा निर्धारित किए गए मापदंडों के अनुरूप कस्टमर की फाइल संधारण करना, कर्मचारियों का केवाईसी, रिस्क एसेसमेंट एवं सूटेबिलिटी एसेसमेंट जैसी घटकों का पालन करना आवश्यक है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को बिना किसी प्रमाण पत्र या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के फाइनेंसियल इंटरमीडियरी बताया जाता है तो उस पर विश्वास न करें और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें। कलेक्टर ने जिले में अवैधानिक रूप से कार्य कर रहे अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट सलाहकारों के विरुद्ध सतत रूप से अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
 
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