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MP News: घायल पति को पीठ पर लादकर पहुंची थी एसपी के पास, मानवाधिकार आयोग ने मांगा तीन हफ्ते में जांच प्रतिवेदन
Thu, 16 Feb 2023 04:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 16 Feb 2023 04:57 PM IST
सार
मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने भूमि विवाद में घायल पति को पीठ पर लादकर शहडोल एसपी ऑफिस पहुंची महिला के संबंध में संज्ञान लिया है। तीन दिन में जांच प्रतिवेदन मांगा है।
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पति को पीठ पर लादकर न्याय मांगने पहुंची थी पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने भूमि विवाद में घायल पति को पीठ पर लादकर शहडोल एसपी ऑफिस पहुंची महिला के संबंध में संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रकरण की जांच कराकर की गई कर्रवाई के संबंध में एफआईआर व पीड़ित के डॉक्टरी परीक्षण तथा एक्स-रे रिपोर्ट सहित तीन सप्ताह में तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मामला शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्रके ग्राम हर्री का है। जमीन विवाद में ग्रामीण गेंदलाल के साथ गांव के ही लोगों ने जमकर मारपीट की थी। इससे उसका हाथ व पैर फैक्चर हो गया था। परिजनों का कहना था कि इसके बाद संबंधित थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट की सामान्य धाराएं लगाई हैं। कार्रवाई से असंतुष्ट होकर घायल गेंदालाल की पत्नी उसे अपनी पीठ पर लादकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची थी और न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित की पत्नी का कहना था कि आरोपियों ने उसके पति को जान से मारने की नीयत से हमला किया था। मारपीट कर हाथ पैर तोड़ने के बाद उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया था। अब वे खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। इससे उसे एवम पूरे परिवार को जान का खतरा बना हुआ है। अब मामले में शहडोल पुलिस से मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने तीन हफ्ते में जांच प्रतिवेदन मांग लिया है।
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इस प्रकरण के संबंध में एसपी कुमार प्रतीक का कहना है कि मामले में एक्स रे रिपोर्ट मिलने के बाद धारा बढ़ा दी गई थी। चूंकि उक्त धाराओं में 7 वर्ष से कम सजा का प्रावधान है, इसलिए न्यायालय के निर्देशानुसार गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है।
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जानकारी के अनुसार मामला शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्रके ग्राम हर्री का है। जमीन विवाद में ग्रामीण गेंदलाल के साथ गांव के ही लोगों ने जमकर मारपीट की थी। इससे उसका हाथ व पैर फैक्चर हो गया था। परिजनों का कहना था कि इसके बाद संबंधित थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट की सामान्य धाराएं लगाई हैं। कार्रवाई से असंतुष्ट होकर घायल गेंदालाल की पत्नी उसे अपनी पीठ पर लादकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची थी और न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित की पत्नी का कहना था कि आरोपियों ने उसके पति को जान से मारने की नीयत से हमला किया था। मारपीट कर हाथ पैर तोड़ने के बाद उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया था। अब वे खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। इससे उसे एवम पूरे परिवार को जान का खतरा बना हुआ है। अब मामले में शहडोल पुलिस से मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने तीन हफ्ते में जांच प्रतिवेदन मांग लिया है।
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इस प्रकरण के संबंध में एसपी कुमार प्रतीक का कहना है कि मामले में एक्स रे रिपोर्ट मिलने के बाद धारा बढ़ा दी गई थी। चूंकि उक्त धाराओं में 7 वर्ष से कम सजा का प्रावधान है, इसलिए न्यायालय के निर्देशानुसार गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है।
