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हाईकोर्ट का मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश, राज्य लौटे मजदूरों के पुनर्वास के लिए बनाए योजना
Sat, 05 Dec 2020 03:15 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, जबलपुर
पीटीआई, जबलपुर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 05 Dec 2020 03:15 PM IST
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बेरोजगार होने के बाद प्रदेश में वापस आए श्रमिकों के पुनर्वास के लिए एक निश्चित योजना बनाने के निर्देश मध्यप्रदेश सरकार को दिए हैं। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि उसने इन कामगारों के लिए क्या कदम उठाए हैं, लेकिन अदालत ने इस पर असंतोष जताया।
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सरकार ने कहा कि वैश्विक महामारी के कारण प्रदेश लौटे मजदूरों की पंजीकृत संख्या लगभग 7 लाख 40 हजार है, जिसमें से लगभग 45 हजार मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
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हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव तथा न्यायाधीश वी के शुक्ला की पीठ ने सरकार द्वारा पेश किए गए जवाब पर शुक्रवार को असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास तथा रोजगार की लाभकारी योजना तैयार कर स्थिति रिपोर्ट पेश करें।
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याचिकाकर्ता की वकील शन्नो एस खान ने कहा कि अदालत का यह निर्देश उस वक्त आया जब एक सामाजिक संगठन ने उसकी याचिका पर सरकार के जवाब देने के तरीके पर आपत्ति उठाई।
वकील ने कहा कि सरकार ने जवाब में केवल एक चार्ट पेश किया और कुछ जानकारी दी, लेकिन इसमें उन मजदूरों को उपलब्ध कराए गए रोजगार की प्रकृति के बारे में कोई विवरण नहीं था, जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं और संक्रमण के दौरान लागू लॉकडाउन में वापस लौटे थे।
