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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Hamidia Hospital Fire Tragedy News: GMC's Dean, superintendent and director removed, CPA engineer suspended

Hamidia Hospital Fire News: गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन, अधीक्षक और संचालक को हटाया, सीपीए का इंजीनियर सस्पेंड

Wed, 10 Nov 2021 06:53 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 10 Nov 2021 06:53 PM IST
सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन, अधीक्षक और संचालक को हटाया। सीपीए के उपयंत्री को सस्पेंड किया। 

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Hamidia Hospital Fire Tragedy News: GMC's Dean, superintendent and director removed, CPA engineer suspended
हमीदिया अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हमीदिया अस्पताल परिसर में कमला नेहरू हॉस्पिटल में आग लगने के मामले में राज्य सरकार ने गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन, अधीक्षक और संचालक को हटा दिया है। साथ ही सीपीए के विद्युत विंग के उपयंत्री को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। 
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह वल्लभ भवन में हमीदिया मामले में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भोपाल के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव, गृह विभाग के प्रमुख सचिव समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। 
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चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन जितेंद्र शुक्ला, हमीदिया अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ.लोकेंद्र दवे और कमला नेहरू अस्पताल के संचालक केके दुबे को पद से हटाया गया है। सीपीए इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट के उपयंत्री अवधेश भदौरिया को निलंबित किया गया है।  डॉ. अरविंद राय को जीएमसी का नया डीन, डॉ. दीपक मरावी को हमीदिया का नया अधीक्षक बनाया गया है। डॉ. अरविंद राय सर्जरी विभाग के एचओडी हैं और डॉ. मरावी ऑर्थोपीडिक्स के सीनियर डॉक्टर हैं।  
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अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट होगा
इससे पहले इस मामले की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मंगलवार को निर्देश दिए थ कि सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों का तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा था कि ऐसी घटना फिर न हो, इसके लिए जो भी आवश्यक उपाय होगा, राज्य सरकार उस पर अमल करेगी। कोविड-19 का इलाज करने के लिए कई अस्पतालों में ऑक्सीजन लाइन बिछाई गई हैं। इससे अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट की और अधिक जरूरत हो जाती है।


हादसे में 4 ही मौतें हुई हैं 
मंत्री सारंग ने दावा किया कि हादसे में चार ही मौतें हुई हैं। कमला नेहरू हॉस्पटिल में पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट के डॉक्टर पहले ही बता चुके हैं कि हादसे में चार नवजात शिशुओं की मौत हुई है। इससे पहले पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि मरने वालों की संख्या 10 से अधिक है। राज्य सरकार झूठ बोल रही है। इस पर विश्वास सारंग ने कहा कि डॉक्टर पहले ही बता चुके हैं कि एसएनसीयू में गंभीर हालत में बच्चों को लाया जाता है। वहां अंडरवेट, प्रीमैच्योर बच्चे भी होते हैं। इतना ही कहा जा सकता है कि हादसे में चार ही बच्चों की मौत हुई है। 
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